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सदर अस्पतालों में 125 हॉस्पिटल मैनेजर होंगे तैनात, मेडिकल कॉलेजों में शुरू होगी रोबोटिक सर्जरी

Ranchi News: झारखंड के सदर अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने की तैयारी शुरू हो गई है. गुरुवार को अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की स्थिति की समीक्षा की गई.
 
कॉलेजों की स्थिति की समीक्षा

Ranchi News: झारखंड के सदर अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर करने की तैयारी शुरू हो गई है. गुरुवार को अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई बैठक में अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों की स्थिति की समीक्षा की गई.

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बैठक में सदर अस्पतालों में मोतियाबिंद के फेको ऑपरेशन, ऑर्थोपेडिक सर्जरी, अस्पताल प्रबंधन, विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति और इलाज की सुविधाओं पर चर्चा हुई.

 

जिन जिलों में फेको विधि से मोतियाबिंद का ऑपरेशन नहीं हो रहा है, वहां के डॉक्टरों को रिम्स रांची में प्रशिक्षण दिया जाएगा. डॉक्टरों को चार-चार के बैच में प्रशिक्षण देने का निर्देश दिया गया है.

 

अस्पतालों की व्यवस्था संभालने के लिए 125 हॉस्पिटल मैनेजरों की नियुक्ति पर भी चर्चा हुई. हर जिले में दो हॉस्पिटल मैनेजर दिए जाएंगे. अनुमंडल अस्पतालों और अपग्रेड किए जाने वाले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी हॉस्पिटल मैनेजर तैनात किए जाएंगे.

 

हॉस्पिटल मैनेजर अस्पताल में 24 घंटे व्यवस्था की निगरानी करेंगे. इनमें मरीजों की सुविधा, सुरक्षा, पैरामेडिकल स्टाफ, गेट पास सिस्टम और आयुष्मान योजना से जुड़ी व्यवस्था शामिल होगी.

 

सभी जिलों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए जल्द विज्ञापन जारी किया जाएगा. वहीं 50 बेड वाले मैटरनिटी एंड चाइल्ड हेल्थ अस्पताल विकसित करने की योजना है. हर ऐसे अस्पताल में शुरुआती तौर पर 10 डॉक्टरों की व्यवस्था करने पर विचार किया गया है.

 

सभी सदर अस्पतालों को मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल के रूप में विकसित करने के लिए मशीन, स्टाफ और दूसरी सुविधाओं की जरूरत का आकलन किया गया. ट्रॉमा सेंटर और पीएम-अभीम योजना के तहत चल रहे कामों की भी समीक्षा की गई.

 

बैठक में सभी अस्पतालों को स्वाइन फ्लू से बचाव और संभावित मरीजों के इलाज के लिए जरूरी तैयारी रखने का निर्देश दिया गया.

 

इसके बाद राज्य के मेडिकल कॉलेजों की भी समीक्षा हुई. इनमें यूजी और पीजी सीट बढ़ाने, मशीनों, भवन, स्टाफ और अस्पताल संचालन की स्थिति पर चर्चा हुई.

 

अपर मुख्य सचिव ने मेडिकल कॉलेजों में आधुनिक इलाज की सुविधा बढ़ाने पर जोर दिया. उन्होंने रोबोटिक सर्जरी शुरू करने का निर्देश दिया. इसके लिए मेडिकल कॉलेजों में जरूरी मशीनें उपलब्ध कराई जाएंगी.

 

कुछ मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की कमी का मुद्दा भी सामने आया. इसे दूर करने के लिए जरूरत के अनुसार संविदा पर डॉक्टरों और शिक्षकों की नियुक्ति करने की बात कही गई.

 

अजय कुमार सिंह ने कहा कि राज्य के अस्पतालों और मेडिकल कॉलेजों को आधुनिक तकनीक, बेहतर मशीनों और पर्याप्त स्टाफ के साथ मजबूत करना सरकार की प्राथमिकता है. 

 


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