Ranchi News: 41वें राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा के तहत गुरुवार को RIMS के क्षेत्रीय नेत्र संस्थान (RIO) में नेत्रदान जागरूकता रैली निकाली गई. रैली का मुख्य उद्देश्य लोगों को नेत्रदान के प्रति जागरूक करना और इससे जुड़ी गलत धारणाओं को दूर करना था.
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रैली RIO भवन से शुरू हुई और बरियातू रोड होते हुए RIMS परिसर, ट्रॉमा सेंटर, OPD ब्लॉक और सुपरस्पेशियलिटी ब्लॉक से होकर वापस RIO भवन पहुंची. इसमें डॉक्टर, मेडिकल छात्र, नर्सिंग स्टाफ और अस्पताल के कर्मचारी शामिल हुए. सभी ने पोस्टर और जागरूकता संदेशों के जरिए लोगों से नेत्रदान करने की अपील की.
रैली के दौरान करीब 150 लोगों ने नेत्रदान का संकल्प लिया. सभी ने pledge form भरकर मृत्यु के बाद अपनी आंखें दान करने की इच्छा जताई. इसके अलावा लोगों ने नेत्रदान जागरूकता सेल्फी प्वाइंट पर सेल्फी लेकर अभियान का संदेश लोगों तक पहुंचाया.
RIMS के निदेशक प्रो. (डॉ.) डी. के. सिन्हा और मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रो. (डॉ.) हिरेंद्र बिरुआ ने भी नेत्रदान का संकल्प लिया. डॉ. सिन्हा ने कहा कि मृत्यु के बाद नेत्रदान किसी दूसरे व्यक्ति को दुनिया देखने का मौका दे सकता है. वहीं RIO के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार ने कहा कि एक व्यक्ति के नेत्रदान से दो लोगों को रोशनी मिल सकती है.
कार्यक्रम में RIO के विभागाध्यक्ष प्रो. (डॉ.) सुनील कुमार, ब्लाइंडनेस ऑफिसर डॉ. पंकज कुमार, डॉ. दीपक लकड़ा, डॉ. राहुल प्रसाद, डॉ. प्रीतिश सहित आई बैंक की टीम, सीनियर और जूनियर रेजिडेंट, नर्सिंग स्टाफ और ऑप्थैल्मिक असिस्टेंट मौजूद रहे.
आई बैंक की टीम ने लोगों से अiपील की कि वे खुद नेत्रदान का संकल्प लें और अपने परिवार के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करें. समय पर किया गया नेत्रदान किसी जरूरतमंद की जिंदगी में रोशनी ला सकता है.
नेत्रदान महादान है. अपनी आंखें दान कर किसी की जिंदगी रोशन करें.
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