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बोन मैरो मैचिंग शिविर में 197 थैलेसीमिया व सिकल सेल पीड़ितों की निशुल्क जांच

Ranchi :  रांची प्रेस क्लब में थैलेसीमिया और सिकल सेल एनीमिया से पीड़ितों के लिए आयोजित तीन दिवसीय निःशुल्क बोन मैरो ट्रांसप्लांट मैचिंग टेस्ट शिविर का रविवार को समापन हुआ.

 

6 से 8 फरवरी तक चले इस शिविर में कुल 197 थैलेसीमिया और सिकल सेल पीड़ितों और उनके साथ आए परिजनों का एचएलए स्क्रीनिंग टेस्ट किया गया. शिविर के अंतिम दिन 57 पीड़ितों और परिजनों की जांच की गई.

 

बिहार, बंगाल व ओडिशा से भी आए मरीज

यह शिविर लहू बोलेगा रक्तदान संगठन रांची और झारखंड थैलेसीमिया पीड़ित एसोसिएशन द्वारा इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल नई दिल्ली और शोनित फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया.

 

शिविर में झारखंड के सभी जिलों के अलावा बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा से भी मरीज और उनके परिजन पहुंचे. थैलेसीमिया के लिए 0 से 12 वर्ष और सिकल सेल एनीमिया के लिए 0 से 20 वर्ष आयु वर्ग के पीड़ितों की निशुल्क जांच की गई.

 

शिविर का उद्घाटन पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद सुबोधकांत सहाय ने किया था. मुख्य अतिथि के रूप में देश के वरिष्ठ बोन मैरो विशेषज्ञ और इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल के निदेशक डॉ गौरव खारिया मौजूद रहे. 

 

कार्यक्रम की अध्यक्षता लहू बोलेगा रक्तदान संगठन व झारखंड थैलेसीमिया पीड़ित एसोसिएशन के संस्थापक नदीम खान ने की.

 

मैच होने पर बोन मैरो किया जाएगा ट्रांसप्लांट

डॉ गौरव खारिया ने बताया कि सभी जांच रिपोर्ट दो माह के अंदर उपलब्ध कराई जाएंगी. जिन मरीजों का बोन मैरो मैच होगा, उनके ट्रांसप्लांट के लिए भारत सरकार, झारखंड सरकार, सीसीएल और अन्य परोपकारी संस्थाओं को आर्थिक सहयोग के लिए प्रस्ताव भेजा जाएगा. 

 

सहयोग मिलने के बाद लगभग पांच माह की प्रक्रिया में बोन मैरो ट्रांसप्लांट किया जाएगा. शिविर के सफल आयोजन में अपोलो अस्पताल की टीम, शोनित फाउंडेशन, थैलेसीमिया पीड़ित एसोसिएशन और लहू बोलेगा संगठन के सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई.

 

 

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