पूजा सिंघल के पति अभिषेक झा की अग्रिम बेल पर सुनवाई पूरी, हाईकोर्ट का फैसला सुरक्षित
जिस जेल में निरीक्षण को जाते थे छवि,आज वही ठिकाना
छवि रंजन की कुछ दिन पहले तक तूती बोला करती थी. बिरसा मुंडा कारागार में जब छापेमारी के लिए पहुंचते थे, तो जेल अधीक्षक से लेकर एक सिपाही भी सहम जाता था. जेल में छापेमारी के दौरान जेल में बंद कैदी डर से अपनी सेल में जा बैठते थे. लेकिन आज छवि रंजन उसी जेल बंद हैं. गौरतलब है कि रांची के पूर्व डीसी निलंबित आईएएस छवि रंजन को ईडी ने बीते चार मई को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार कर लिया था. जमीन घोटाला से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में ईडी ने छवि रंजन को दूसरी बार पूछताछ के लिए बुलाया था. जिसके बाद देर रात छवि रंजन को गिरफ्तार कर लिया गया. छवि रंजन रांची के डीसी थे, तब उनके कार्यकाल में बड़े पैमाने पर फर्जी कागजों के आधार पर जमीन की खरीद-बिक्री की गई, इनमें सबसे प्रमुख बरियातू स्थित सेना की जमीन थी. बरियातू में सेना की 4.55 एकड़ जमीन को फर्जी कागजात के जरिए कोलकाता के प्रदीप बागची ने जगत बंधु टी एस्टेट को बेच दी थी. इस दौरान छवि रंजन के परिजनों के खातों में बड़े ट्रांजेक्शन और लाभान्वित होने के सबूत ईडी को मिले हैं.जहां कभी आदेश चलता था, उसी जेल में है बंद अनिल कुमार
शिक्षा विभाग में हुई अवैध नियुक्ति की फाइल गायब करने के मामले में आईएएस अनिल कुमार साहेबगंज जेल में बंद हैं. बतौर अधीक्षक (सुपरिटेंडेंट) वे नवंबर 2009 से अक्टूबर 10 तक साहेबगंज मंडल कारा के प्रभार में भी रहे हैं. जिस जेल में कभी उनका आदेश चलता था, उसी जेल में आज वे एक बंदी के रूप में हैं. पूर्व बंदोबस्त पदाधिकारी अनिल कुमार का नाम शिक्षा विभाग में हुई अवैध नियुक्ति की फाइल गायब करने में आया था. साल 2014 में साहिबगंज जिले के जिरवाबाड़ी ओपी में इससे संबंधित मामला दर्ज हुआ था. इसे भी पढ़ें -विधानसभा">https://lagatar.in/committee-of-7-mlas-probing-the-allotment-of-namaz-hall-in-vidhansabha-information-given-in-hc/">विधानसभामें नमाज कक्ष आवंटन की जांच कर रही 7 MLA की कमिटी, HC में दी गई जानकारी [wpse_comments_template]

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