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सबसे अधिक 57 करोड़ रुपये स्वच्छता पर खर्च हुए
लोकसभा में सांसद संजय सेठ ने सीएसआर के कार्यों का लेखा-जोखा मांगा था, जिसपर केंद्र सरकार की ओर से जवाब देते हुए केंद्रीय सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह ने बताया कि एक साल में झारखंड में जो 210 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं, उसमें सबसे अधिक राशि 57 करोड़ रुपए स्वच्छता पर खर्च हुए हैं. इसके अलावा स्वास्थ्य देखभाल पर 48 करोड़, शिक्षा पर 35 करोड़ और ग्रामीण विकास परियोजनाओं पर 21 करोड़ खर्च हुए हैं. इसे भी पढ़ें - बकोरिया">https://lagatar.in/bakoria-case-cbi-went-to-investigate-8-times-in-4-and-a-half-years-but-mystery-was-not-solved/">बकोरियाकांड : साढ़े 4 साल में 8 बार जांच को गयी CBI, मगर गुत्थी नहीं सुलझी
सीएसआर का अनुपालन नहीं करना सिविल अपराध
केंद्रीय राज्यमंत्री ने बताया कि झारखंड में विभिन्न कंपनियों ने सीएसआर के तहत कई कार्य किये हैं. इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण संरक्षण, गरीबी, भूख कुपोषण मिटाना, ग्रामीण विकास परियोजनाएं, स्वच्छता, वरिष्ठ नागरिक कल्याण, अनाथालय की स्थापना जैसे कई कार्य शामिल हैं. उन्होंने यह भी बताया कि सीएसआर के कार्यकलापों का ब्यौरों की फाइलिंग करना अनिवार्य है. जब कभी सीएसआर प्रावधानों के उल्लंघन की रिपोर्ट प्राप्त होती है तो जांच के बाद ऐसी कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई भी की जाती है. अब कंपनियों द्वारा अनुपालन नहीं करना सिविल अपराध की श्रेणी में आ गया है. इसे भी पढ़ें - पिता">https://lagatar.in/father-filed-a-case-of-rape-the-girl-refused-the-court-released-the-accused/">पिताने दर्ज कराया दुष्कर्म का मामला, युवती ने किया इंकार, कोर्ट ने आरोपी को किया रिहा [wpse_comments_template]

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