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Dhanbad News: मटकुरिया गोलीकांड में पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक समेत 27 दोषियों को तीन वर्ष की सजा

धनबाद के बहुचर्चित मटकुरिया गोलीकांड मामले में करीब 15 वर्षों बाद जिला एवं सत्र न्यायालय ने अपना फैसला सुनाया. जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक समेत 30 आरोपियों को दंगा, सरकारी कार्य में बाधा और आगजनी से संबंधित धाराओं में दोषी ठहराते हुए अधिकतम तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई.
 
कोयले की राजधानी की खबरें
  • मटकुरिया गोलीकांड में 15 साल बाद आया फैसला
  • पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक समेत 27 दोषियों को सजा
  • 2011 में गोलीबारी में चार लोगों की हुई थी मौत
  • इस कांड में 30 लोगों को बनाया गया था आरोपी
  • ट्रायल फेस कर रहे 3 आरोपितों का हो चुका है निधन

Dhanbad: धनबाद के बहुचर्चित मटकुरिया गोलीकांड मामले में करीब 15 वर्षों बाद कोर्ट का फैसला आया है. जिला एवं सत्र न्यायाधीश दुर्गेश चंद्र अवस्थी की अदालत ने पूर्व मंत्री मन्नान मल्लिक समेत 30 आरोपियों को दंगा, सरकारी कार्य में बाधा और आगजनी से संबंधित धाराओं में दोषी ठहराते हुए अधिकतम तीन वर्ष के कारावास की सजा सुनाई. 

 

हालांकि, हत्या, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट की गंभीर धाराओं में सभी आरोपियों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया. सजा सुनाए जाने के बाद सभी दोषियों को जमानत भी मिल गई. इनमें से तीन लोगों की पहले ही मौत हो चुकी है.

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अदालत ने भारतीय दंड संहिता की धारा 147 (दंगा), 148 (घातक हथियार से लैस होकर दंगा), 353 (लोक सेवक को सरकारी कार्य से रोकने के लिए हमला या बल प्रयोग) और 435 (आगजनी कर संपत्ति को नुकसान पहुंचाना) के तहत सभी 30 आरोपियों को दोषी ठहराया. वहीं धारा 302 (हत्या), 307 (हत्या का प्रयास) तथा आर्म्स एक्ट की धारा 25(1-B)(A) के आरोपों से सभी को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया.

 

यह मामला 27 अप्रैल 2011 का है जब मटकुरिया में बीसीसीएल के क्वार्टरों को अतिक्रमण मुक्त कराने पहुंची प्रशासन और पुलिस की टीम का आंदोलनकारियों से हिंसक टकराव हो गया था. हालात बेकाबू होने पर हुई गोलीबारी में चार लोगों की मौत हो गई थी जबकि कई अन्य लोग घायल हुए थे.घटना के बाद तत्कालीन एसडीओ के लिखित आवेदन पर बैंक मोड़ थाना में प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

 

करीब डेढ़ दशक तक चली सुनवाई के बाद अदालत ने इस चर्चित मामले में अपना फैसला सुनाया. सुनवाई के दौरान मामले के कुछ प्रमुख आरोपितों का निधन भी हो चुका है जिनमें पूर्व मंत्री बच्चा सिंह, पूर्व मंत्री ओ.पी. लाल और पूर्व डिप्टी मेयर नीरज सिंह शामिल हैं.

 

फैसले के बाद दोषियों को सजा सुनाई गई लेकिन उन्हें जमानत भी प्रदान कर दी गई. इस निर्णय के साथ धनबाद के सबसे चर्चित और लंबे समय तक न्यायालय में लंबित रहे मामलों में से एक का महत्वपूर्ण न्यायिक निष्कर्ष सामने आया.

 

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