Search

रांची में जन्म-मृत्यु निबंधन का 3 दिवसीय CRS पोर्टल प्रशिक्षण संपन्न

Ranchi : राजधानी रांची में नागरिक निबंधन प्रणाली (सिविल रजिस्ट्रेशन सिस्टम - CRS) को अधिक पारदर्शी, समयबद्ध और कुशल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल करते हुए तीन दिवसीय जिलास्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन हो गया. यह प्रशिक्षण 2, 5 और 6 जनवरी को समाहरणालय के ब्लॉक-बी स्थित कमरा संख्या 505 में आयोजित किया गया.

 

 

निबंधन प्रक्रिया में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी: डीसी 

उपायुक्त-सह-जिला रजिस्ट्रार (जन्म-मृत्यु) मंजूनाथ भजन्त्री ने 2 जनवरी को दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया. इस दौरान उन्होंने सख्त निर्देश देते हुए कहा कि जन्म-मृत्यु निबंधन प्रक्रिया में किसी भी प्रकार की लापरवाही या देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. सभी पदाधिकारी और कर्मचारी यह सुनिश्चित करें कि निर्धारित समय सीमा (घटना के 21 दिनों के अंदर) में निबंधन पूर्ण हो. उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर्मियों से अपील की कि वे अपनी कार्य कुशलता बढ़ाएं और आम नागरिकों को दलालों के चक्कर से मुक्त कराते हुए त्वरित व पारदर्शी सेवा प्रदान करें.

 

सरकारी योजनाओं को जनता के द्वार तक पहुँचाना ही लक्ष्य : बैठा 

6 जनवरी को कार्यक्रम का समापन जिला सांख्यिकी पदाधिकारी-सह-अपर जिला रजिस्ट्रार शेषनाथ बैठा ने किया. उन्होंने कहा कि यह प्रशिक्षण जिला प्रशासन की उस प्रतिबद्धता का हिस्सा है, जिसमें सरकारी सेवाओं को जनता के द्वार तक पहुंचाना, डिजिटल इंडिया की भावना को साकार करना और जन्म-मृत्यु निबंधन में शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करना शामिल है. जन्म और मृत्यु रजिस्ट्रेशन अधिनियम 1969 के अनुसार राज्य में होने वाली हर जन्म और मृत्यु की घटना का रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है. यह न केवल व्यक्ति के मूलभूत अधिकारों की रक्षा करता है, बल्कि जन्म-मृत्यु प्रमाण पत्र कई महत्वपूर्ण कार्यों में प्रमाणिक दस्तावेज के रूप में उपयोग होता है. इनमें स्कूल प्रवेश, राशन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट, मताधिकार, वृद्धावस्था पेंशन, बालिका समृद्धि योजना, स्वास्थ्य संबंधी योजनाएं, संपत्ति हस्तांतरण, जीवन बीमा दावा, बैंक खाते, दुर्घटना मुआवजा और कोर्ट में साक्ष्य आदि शामिल हैं.
साथ ही यह देश की जनसंख्या स्थिति, शिशु मृत्यु दर और चिकित्सा विज्ञान के लिए आवश्यक आंकड़े उपलब्ध कराता है. 

 

ये रहे शामिल : 

प्रशिक्षण में अनुमंडल पदाधिकारी सदर रांची कुमार रजत, अपर समाहर्ता श्री रामनारायण सिंह, जनगणना कार्य निदेशालय के संयुक्त निदेशक सत्येन्द्र कुमार गुप्ता, उप नगर प्रशासक-सह-रजिस्ट्रार श्रीमती निहारिका तिर्की, सहायक निदेशक  ज्ञानचन्द्र महतो, जिला सांख्यिकी पदाधिकारी श्री शेषनाथ बैठा तथा सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, पंचायती राज पदाधिकारी, सांख्यिकी पर्यवेक्षक, पंचायत सचिव-सह-रजिस्ट्रार और संबंधित कंप्यूटर ऑपरेटर उपस्थित रहे. जिला प्रशासन की इस पहल से रांची में जन्म-मृत्यु निबंधन प्रक्रिया और अधिक सुगम और विश्वसनीय होने की उम्मीद.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp