की राष्ट्रपति प्रत्याशी द्रौपदी मुर्मू भुवनेश्वर से दिल्ली पहुंची, कल करेंगी नामांकन, बेटी इतिश्री ने कहा, यह अविश्वसनीय लग रहा है एसपी ने बताया कि हत्याकांड की मुख्य वजह नक्सली संगठन टीएसपीसी के विरुद्ध चुनाव लड़ना और प्रशासन का सहयोग करना था. इस हत्याकांड में मास्टरमाइंड नक्सली टीएसपीसी के कमांडर आक्रमण गंझू एवं भास्कर गंझू के सहयोगी देवेंद्र गंझू ने रची थी. बता दें कि बीते 15 जून को जिला परिषद प्रत्याशी विक्रम रजक की हत्या सीआरपीएफ कैंप के नजदीक गोली मारकर कर दी गई थी. हत्या के बाद लोगों में भय का माहौल था. हत्याकांड के उद्भेदन से ग्रामीणों में पुलिस के प्रति एक बार फिर से भरोसा बढा है. गिरफ्तारी में एसडीपीओ अशोक प्रियदर्शी, पुलिस अवर निरीक्षक सह थानेदार विवेक कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक नंदन कुमार सिंह, रोहित साव, भोलानाथ प्रमाणिक सहित थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे.
देवेंद्र गंझू के खिलाफ 21 मामले दर्ज
गिरफ्तार अपराधियों में देवेन्द्र गंझू उर्फ मनिकांत उर्फ चौधरी उर्फ कन्हाई और आदित्य गंझू दोनों लावालौंग थाना क्षेत्र के सौरू नावाडीह गांव का रहने वाला है. देवेंद्र गंझू के विरुद्ध चतरा, हजारीबाग, रामगढ़ जिले के विभिन्न थानों में 21 मामले दर्ज हैं. वहीं आदित्य गंझू के खिलाफ लावालौंग थाना में तीन मामले दर्ज हैं. बहादुर उरांव सिमरिया थाना क्षेत्र के संदली गांव का रहने वाला है. उसके खिलाफ सदर थाना में तीन मामले दर्ज हैं. इसे भी पढ़ें – NCP">https://lagatar.in/regret-to-ncp-chief-sharad-pawar-why-did-the-home-ministry-and-the-intelligence-department-not-inform-about-the-rebellion-of-shiv-sena-mlas/">NCPचीफ शरद पवार को मलाल, शिवसेना विधायकों की बगावत की सूचना गृह मंत्रालय और इंटेलीजेंस डिपार्टमेंट ने क्यों नहीं दी [wpse_comments_template]

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