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हेमंत सोरेन को 4 बिहारी घेरे रखे हैं, कहां से होगा आदिवासी-मूलवासी का विकास : लोबिन

  • पुराना विधानसभा मैदान में हुआ खतियान-जमीन बचाओ महाजुटान, अपनी ही सरकार पर किये तीखे प्रहार
Ranchi : झामुमो विधायक लोबिन हेंब्रम ने फिर अपनी सरकार पर हमला बोला है. अवसर था खतियान-जमीन बचाओ महाजुटान. इस कार्यक्रम में पूरे राज्य से वैसे लोगों ने हिस्सा लिया, जिनकी जमीन का किसी न किसी रूप में अवैध हस्तांतरण हुआ या फिर जमीन का मामला चल रहा है. पुराने विधानसभा मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि राज्य में जल-जंगल, जमीन बचाने का नारा देने वाली अपनी ही सरकार है. इसके बाद भी आदिवासियों की जमीन लूटी जा रही है. अगर अपनी सरकार के खिलाफ लड़ना पड़ा, तो लड़ेंगे. मगर हर हाल में लोगों की जमीन वापस कराएंगे. क्योंकि हमारी सरकार गलत कर रही है. अपने किए गए वादों से मुकर रही है. उन्होंने कहा कि अब माटी मांगे खून उलगुलान होगा. चार बिहारी हेमंत सोरेन को घेरे रखे हैं. झारखंड के आदिवासी मूलवासी कहां जाएंगे. भविष्य में भी आदिवासी दिखेंगे या नहीं दिखेंगे, इस पर अब सवाल उठने लगा है. https://youtu.be/QKC8cOb8ELo

हेमंत सोरेन से लोगों का विश्वास खत्म हो गया है

उन्होंने कहा कि सीएनटी के रहते जमीन लूटी जा रही है. झारखंड अलग हुए 23 साल हो गए. कितने लोगों की जमीन लूटी जा रही है.. झारखंड में कई पार्टियों की सरकार बनी. किसी सरकार ने लोगों की जमीन बचाने में आगे नहीं आयी. सीएनटी-एसपीटी की जमीन बाहरी लोग खरीद रहे हैं. एक लाख गरीब आदिवासियों की दखल- दिहानी की जमीन पर हक कौन दिलाएगा. हेमंत सोरेन ने खतियानी, सीएनटी-एसपीटी की बात कही थी. आज हेमंत सोरेन से लोगों का विश्वास खत्म हो गया है.

बाहरी लोग आकर यहां विधायक बन बैठे हैं

उन्होंने कहा कि झारखंड बचाओ मोर्चा की ओर से घोषणा करते हैं कि डीसी कार्यालय का घेराव करेंगे. पूर्व डीसी छवि रंजन को जेल में देखना चाहते हैं. कितने लोगों की जमीन बेचवा दिया. अधिकारी जमीन की रक्षा नहीं करेंगे तो उनका घेराव किया जाएगा. स्थानीय और नियोजन नीति नहीं बनी. गरीब का बच्चा कहां जाएगा. 60-40 क्या है. जिसके हाथ में खतियान है, वह थर्ड व फोर्थ ग्रेड की नौकरी करेगा. कोई मुझे पार्टी से निकाल सकता है, लेकिन माटी से नहीं निकाल सकता है. सरना, मसना, भूईंहरी जमीन लुटी जा रही है और प्रशासन चुप है. बाहरी लोग आकर यहां विधायक बन बैठे हैं.

सीएम के अगल-बगल में सभी बिहारी, हमें सदन में बोलने नहीं दिया जाता

लोबिन ने कहा कि मुख्यमंत्री के अगल-बगल जितने लोग हैं, वे सभी बिहारी हैं. सदन में माइक बंद कर देते हैं. लेकिन बाहर मुझे बोलने से कैसे रोक सकेंगे. मैं झारखंड के लोगों को रास्ता दिखाऊंगा कि किधर जाना है. गवर्नर को अवगत कराएंगे कि किस तरह से हमारी जमीन लूटी जा रहा है. गवर्नर राज्य के मालिक हैं, उनसे जमीन लूट की बात बताएंगे. माटी मांगे खून डरना नहीं है जमीन के लिए. जब- जब छात्र बोला है राज सिंहासन डोला है. सिर्फ स्टूडेंट के लिए आउटसोर्सिंग नियुक्ति क्यों. मुख्यमंत्री और मंत्री भी आउटसोर्सिंग पर निर्भर हो गए हैं.

जरूरत पड़ी तो हम प्लॉट पर जाकर लड़ाई लड़ेंगे 

लोबिन ने कहा कि यह महाजुटान की जरूरत आखिर क्यों पड़ी. सरकार में हैं हम. उसके बावजूद हमारे लोग लूटे जा रहे हैं. जमीन लूटी जा रही है. नौकरी लूटी जा रही है. हम क्या चुपचाप बैठे रहें. हम चुपचाप बैठने वाले में नहीं हैं. इस कार्यक्रम के माध्यम से अपने लोगों को जगाने का काम करेंगे. अब सरकार नहीं करेगी तो जमीन के लिए हम प्लॉट पर जाकर लड़ाई करेंगे. कहां हम गलत हैं, हमें बताये सरकार. जमीन नहीं बचेगी तो आदिवासी नहीं बचेगा. कोई सरना का झंडा जला दे रहा है. कोई अतिक्रमण कर रहा है. कोई मसना जमीन खरीद रहा है. हरगड़ी जमीन खरीद रहा. देशवाली जमीन को बेचा जा रहा हैस, जबकि वह सार्वजनिक पूजा स्थल है. उस जमीन को जब हम नहीं बचा पाएंगे, तो हमारा अस्तित्व कहां से बचेगा. इसे भी पढ़ें – दीपक">https://lagatar.in/deepak-prakash-will-be-involved-in-karnataka-election-campaign/">दीपक

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जिसके पास खतियान वही झारखंडी 

लोबिन हेंब्रम ने कहा कि जिसके पास खतियान है, उसे ही झारखंडी माना जाना चाहिए. ऐसा नहीं होना चाहिए कि जो झारखंड बनने के पहले से यहां रह रहे हों. उन्हें ही झारखंडी मान लिया जाए. जिसके पास खतियान है, वही असली झारखंडी है. उन्होंने कहा कि राज्य में नौकरियों और स्थानीयता को प्राथमिकता मिलनी चाहिए. खतियान आधारित स्थानीय नियोजन नीति से ही यहां के युवाओं का भला होगा. स्थानीय लोगों को नौकरियों में प्राथमिकता दी जानी चाहिए. हालांकि स्थानीय नीति तय करने में कई खास वर्ष या अवधि तय नहीं होनी चाहिए.

जिनकी जमीन छीनी गयी, उन्होंने भी रखी अपनी बात

बिरसा मुंडा के वंशज व उनके पोता बुधराम मुंडा के साथ-साथ बीआईटी, एयरपोर्ट, करम टोली के साथ अन्य जगहों से आये पीड़ित परिवार ने बताया कि अधिकारियों से मिलकर भू माफियाओं द्वारा लगातार हमारी जमीन लूटी जा रही है. बिरसा मुंडा के पोता ने बताया कि हम लोग जमीन के समाधान के लिए यहां पहुंचे हैं. उलियातु गांव में खूंटी के डीसी ने  मनमाने तरीके से पहले स्टेडियम बना दिया. हम लोगों ने बार-बार मना किया था, उसके बावजूद राय मशविरा किए बिना निर्माण करा दिया. हम बार-बार विरोध करते रहे लेकिन किसी ने नहीं सुनी. इसे भी पढ़ें IAS">https://lagatar.in/ed-will-interrogate-ias-chhavi-ranjan-tomorrow-if-he-does-not-appear-there-may-be-trouble/">IAS

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भू माफिया और अधिकारी नहीं संभल रहे

वही डांगराटोली से आए हलदर चंदन पीहन ने बताया कि पिछले दिनों जमीन की आड़ में सरना झंडा को जलाया गया, जिसके लिए हम लोगों ने रांची भी बंद करवाया. लेकिन इसके बावजूद भू माफिया और अधिकारी नहीं संभल रहे हैं. अगर हमारी जमीन को वापस नहीं किया जाएगा, तो बड़ा उलगुलान हम सब करेंगे. एयरपोर्ट विस्थापित मोर्चा के लोगों ने कहा कि हमें बेघर करना चाह रहा है एयरपोर्ट ऑथोरिटी. हम सरकार से मांग करते हैं कि हमारा पुनर्वास करे. सरकार हमें बस्ती से ना उजाड़े.  एक तरफ निर्माण हो रहा है, दूसरी तरफ विस्थापितों को भगाया जा रहा है. सर्वे कराए सरकार और हमें बसाने की दिशा में काम करे. वहीं हटिया रेलवे कॉलोनी से आई महिला ने बताया कि हमारे धार्मिक देशावली जमीन को भू माफिया द्वारा  हड़पने की कोशिश की जा रही है. हमारी जमीन बेचने की साजिश रची जा रही है. वही बीआईटी से पहुंचे पीड़ित रैयत विस्थापितों द्वारा कहा गया कि हमलोग यहां आए हैं. हम लोगों के पूर्वजों की जमीन को लूट कर भू-माफिया हमें बेदखल करना चाहते हैं. [wpse_comments_template]

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