: झाविमो के जिला संयोजक की केंद्र से मांग, धनबाद DRM पर हो कार्रवाई)
51 प्लॉटों में से बस सिर्फ 11 प्लॉट ही हुए नीलाम
स्मार्ट सिटी मिशन के हर काम की रफ्तार धीमी है. 656 एकड़ जमीन पर बन रहे स्मार्ट सिटी में 51 प्लॉटों के लिए इन्वेस्टर्स ढूंढने की प्रक्रिया 2021 में शुरू हुई थी. ढाई साल बाद भी अबतक सिर्फ 11 प्लॉटों को ही कॉरपोरेशन नीलाम कर पाया है. जिन प्लॉटों की नीलामी हुई है उनकी भी रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है. विभाग पिछले 6 महीने से इन्वेस्टर्स को आश्वासन दे रहा है कि सारी पेचदगी दूर कर ली गयी है और बस एक महीने में जमीन रजिस्ट्री हो जायेगी, लेकिन अबतक वह दिन नहीं आया है. वहीं रेलवे अंडरपास बनाने के लिए एचईसी स्मार्ट सिटी को एनओसी नहीं दे रहा है. इस वजह से भी काम प्रभावित हो गया है. इसे भी पढ़ें : तख्तापलट">https://lagatar.in/vladimir-putin-said-wagner-chief-yevgeny-prigozhin-betrayed-action-will-be-taken/">तख्तापलटकी आशंका के बीच पुतिन ने कहा, वैगनर प्रमुख येवगेनी प्रिगोझिन ने विश्वासघात किया, कार्रवाई होगी
मास्टर प्लान के चक्कर में एक साल से काम ठप
स्मार्ट सिटी एडीबी एरिया में रेसिडेंशियल, कमर्शियल और मिक्स यूज के 51 प्लॉट हैं. 2021 से 22 तक तीन फेज में 11 प्लॉटों की नीलामी हुई. बचे हुए 40 प्लॉट की नीलामी के लिए ऑक्शन और जमीन आवंटन की प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए मास्टर प्लान में फिर से चेंज किया जाना है. अप्रैल 2022 से जून 2023 यानी 14 महीने बीत चुके हैं, लेकिन अबतक नया मास्टर प्लान बना ही नहीं और न बचे प्लॉटों की नीलामी शुरू हो पाई. कॉरपोरेशन साल भर से कह रहा है बहुत जल्द मास्टर प्लान बनेगा. उधर मास्टर प्लान चेंज करके अप्रैल 2022 में स्मार्ट सिटी में मंत्रियों के लिए 11 बंगले बनाने का काम शुरू हुआ था, जो करीब 90 फीसदी पूरा भी हो गया है, लेकिन आम लोगों के लिए मास्टर प्लान चेंज होने का इंतजार किया जा रहा है. इसे भी पढ़ें : सदान">https://lagatar.in/sadan-vikas-party-protested-in-front-of-the-raj-bhavan/">सदानविकास पार्टी ने राजभवन के समक्ष दिया धरना, प्रदेश अध्यक्ष बोले, हमें हक से वंचित रखने की हो रही साजिश
स्मार्ट सिटी में क्या-क्या नहीं हुआ
- स्मार्ट सिटी में चल रहे 12 में सिर्फ 4 प्रोजेक्ट पूरे हुए हैं
- इंटीग्रेटेड इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण 15 फीसदी बाकी है.
- पेमेंट लेने के बाद भी 11 प्लॉटों की रजिस्ट्री साल भर से नहीं किया गया.
- एडीबी एरिया में रेलवे अंडरपास के लिए एचईसी से नहीं मिली एनओसी.
- स्मार्ट सिटी को हटिया स्टेशन से जोड़ने की योजना पर लगा ग्रहण.
- रेलवे के प्रपोजल को स्मार्ट सिटी ने लौटाया था, दोबारा उसने नहीं भेजाय
- विश्व के टॉप 500 में से एक भी बड़ा शिक्षण संस्थान नहीं आयाय
- 55 करोड़ खर्च करके कन्वेंशन सेंटर को कबाड़ बना दिया गयाय
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