Lagatar Desk: नेपाल के भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ में मरने वालों की संख्या 95 हो गई और 100 से ज्यादा भारतीय लापता हैं. इनमें से ज्यादातर पर्यटक कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर जा रहे थे. नेपाल सेना के मुताबिक प्रभावित इलाकों में राहत कार्यों में तेजी लाने के लिए 15 हेलिकॉप्टर तैनात किए गए हैं.
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घटना के बाद नेपाल पर्यटन बोर्ड, टूरिस्ट पुलिस, स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां मिलकर बड़े पैमाने पर रेस्क्यू ऑपरेशन चला रही हैं. नेपाल प्रशासन और ट्रैवल एजेंसियां लापता यात्रियों की डिटेल्स जुटाने और उनकी सही लोकेशन का पता लगाने में जुटी हैं.
नेपाल के विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने बताया कि रसुवा में आपदा की स्थिति भूकंप के साथ आए हिमस्खलन के कारण हुई थी और इसकी आगे पुष्टि की जा रही है.
उन्होंने बताया कि सुबह करीब 8:40 बजे रसुवा में भोटेकोशी नदी में आई बाढ़ से रसुवा और नुवाकोट जिलों के कई इलाके प्रभावित हुए. उन्होंने कहा कि तिमुरे, स्याफरुबेसी, बेत्रावती, त्रिशूली बत्तर और देवीघाट समेत कई इलाक़ों में भारी नुकसान हुआ है. उन्होंने कहा कि यह बाढ़ सुबह 8:37 बजे आए भूकंप के कारण हुई थी और भोटेकोशी और त्रिशूली नदियों के तटीय क्षेत्रों में अभी भी खतरा बना हुआ है.
नेपाल के रसुवा में टिमुरे और स्याफ्रूबेंसी सबसे ज्यादा प्रभावित इलाकों में हैं. घर, बाजार, सड़कें, पुल और हाइड्रोपावर से जुड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर बुरी तरह प्रभावित हुआ है. बिजली सप्लाई भी प्रभावित हुई है.
वहीं नुवाकोट के त्रिशूली बाजार के आसपास के करीब 60 घर बहने की सूचना है. दो मोटरेबल पुल भी बह गए हैं. त्रिशूली और देविघाट हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट को नुकसान पहुंचा है और 25 मेगावाट के सोलर प्लांट के तीन ब्लॉक और एक सब-स्टेशन भी बह गए हैं.
पीएम नरेन्द्र मोदी ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर लिखा है कि नेपाल के पीएम बालेंद्र शाह से बात की और बाढ़ स हुई जान-माल की हानि पर संवेदना जताई. इस मुश्किल वक्त में भारत के लोग नेपाल में भाई-बहनों के साथ एकजुटता से खड़े हैं. भारत नेपाल को हर संभव मानवीय सहायता देने के लिए तैयार है. हमारी टीमें बचाव और राहत कार्यों के लिए मिलकर काम कर रही हैं.
इधर, सीएम योगी ने सोशल मीडिया पर लिखा कि नेपाल के रसुवा क्षेत्र में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ से हुई क्षति अत्यंत चिंताजनक है. भगवान पशुपतिनाथ से सभी के सकुशल होने की प्रार्थन है. इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश के जनपद महाराजगांज और कुशीनगर में गंडक व नारायणी नदियों के जलस्तर में वृद्धि और बाढ़ की संभावना के दृष्टिगत स्थानीय प्रशासन को पूर्ण सतर्कता बरतने और आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं.
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