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ग्रामीण विकास विभाग में 3048 करोड़ के टेंडर में 90 करोड़ कमीशन की हुई वसूली

Ranchi: ग्रामीण विकास विभाग के चार मुख्य अभियंताओं के कार्यकाल में 3048 करोड़ रुपये का टेंडर हुआ. इसमें 3% की दर से बतौर कमीशन 90 करोड़ रुपये की वसूली हुई. विभाग में हर स्तर के अधिकारियों के लिए कमीशन की रकम में हिस्सेदारी तय है. कमीशन की रकम का बंटवारा भी इसी रूप में किया गया. प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा ग्रामीण विकास विभाग में कमीशनखोरी के मामले में दायर पांचवे आरोप पत्र (Prosecution Complain) में इन तथ्यों का उल्लेख किया गया है.

 

ईडी ने पीएमएलए के विशेष कोर्ट में ग्रामीण विकास विभाग में कमीशनखोरी और मनी लाउंड्रिंग के मामले में 5वां आरोप पत्र दायर किया है. इसमें कुल 14 इंजीनियरों को अभियुक्त बनाया गया है. इससे पहले तक कुल 22 अभियुक्तों के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया जा चुका है. 

 

5वां आरोप पत्र  दायर होने के बाद ग्रमीण विकास विभाग में कमीशनखोरी के मामले में आरोपितों की कुल संख्या 36 हो गई है. 5वें आरोप पत्र में मुख्य अभियंता से लेकर सहायक अभियंता स्तर के अधिकारी शामिल है. ईडी द्वारा दायर आरोप पत्र में कहा गया कि ग्रामीण विभाग में टेडर मूल्य का 3% प्रतिशत कमीशन वसूला जाता था. 

 

कमीशन की इस रकम के बंटवारे के लिए हर स्तर पर हिस्सेदारी निर्धारित है. कमीशन की रकम में मंत्री की हिस्सेदारी 1.35%, 0.75% विभागीय सचिव, 0.50% मुख्य अभियंता और 0.40% अन्य अधिकारियों की हिस्सेदारी तय थी. मंत्री का हिस्सा उनके आप्त सचिव संजीव लाल के माध्य से कलेक्ट किया जाता था.

 


ईडी द्वारा दायर 5वें आरोप पत्र में कहा गया है कि चार मुख्य अभियंताओँ के कार्यकाल में कुल 3048 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया गया. इसमें से मुख्य अभियंता बिरेंद्र राम के कार्यकाल में 2014-15 के बीच 492 करोड़ और 2021-23 के बीच 650 करोड़ का टेंडर हुआ.मुख्य अभियंता राजीव लोचन के जुलाई 2023 से अक्तूबर 2023 तक की अवधि में 650 करोड़ रुपये का टेंडर हुआ. 

 

मुख्य अभियंता सिंगारी टूटी के जनवरी 2023 से नवंबर 2023 तक की अवधि में 600 करोड़ रुपये का टेंडर हुआ. इसी तरह मुख्य अभियंता प्रमोद कुमार के दिंसबर 2023 से मई 2024 तक के कार्यकाल के दौरान 350 करोड़ रुपये का टेंडर हुआ. इसमें से कमीशन के तौर पर कुल 90 करोड़ रुपये की वसूली हुई. इसके बाद विभाग में स्थापित कमीशन के बंटवारे के नियम से इसका बंटवारा हुआ. कमीशन की रकम से खरीदी गयी 44 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की जा चुकी है.

कितने की संपत्ति जब्त

नाम      संपत्ति
बीरेंद्र राम   39.28 करोड़
मुकेश मित्तल 35.77 लाख
संजीव लाल व रीता लाल 4.42 करोड़
जहांगीर आलम  32.20 करोड़

 

अभियुक्तों की सूची

1- बिरेंद्र राम, तत्कालानीय मुख्य अभियंता
2- आलोक रंजन, बिरेंद्र राम का रिश्तेदार
3- राज कुमारी, बिरेंद्र राम की पत्नी
4- गेंदा राम, बीरेंद्र राम के पिता
5- मुकेश मित्तल, चार्टर्ड आकाउंटेट
6- तारा चंद, फर्जी खाता खोलने वाला
7- नीरज मित्तल, CA का सहयोगी
8- राम प्रकाश भाटिया, हवाला कोरोबारी
9- हरिश यादव, हवाला कारोबारी
10- हृदया नंद तिवारी
11-  आलमगीर आलम, तत्कालीन मंत्री
12- संजीव लाल, मंत्री के आप्त सचिव
13- जहांगीर आलम, आप्त सचिव का करीबी
14- सुरेश प्रसाद वर्मा, जूनियर इंजीनियर
15- अतिकुल रहमान, ठेकेदार
16-  राजेश कुमार, ठेकेदार
17- राजेश कंस्ट्रक्शन
18- परमानंद सिंह बिल्डर्स
19- राधा मोहन साहू, ठेकेदार
20- अंकित साहू, ठेकेदार
21- राजीव कुमार सिंह, ठेकेदार
22- रीता लाल, संजीव लाल की पत्नी
23- सिंगारी टूटी, मुख्य अभियंता
24- राजीव लोचन, मुख्य अभियंता
25- सुरेंद्र  कुमार, मुख्य अभियंता
26- उमेश कुमार, अधीक्षण अभियंता
27- संतोष कुमार, कार्यपालक अभियंता
28- अजय कुमार, कार्यपालक अभियंता
29- अजय तिरकी, कार्यपालक 
30- राज कुमार टोप्पो
31- अशोक कुमार गुप्ता, सहायक अभियंता 
32- राम पुकार राम, इंजीनियर
33- प्रमोद कुमार, मुख्य अभियंता
34- सिद्धांत कुमार, कार्यपालक अभियंता
35- अनिल कुमार, कार्यपालक अभियंता
36- रमेश ओझा, कार्यपालक अभियंता

 

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