Search

 
 
 

झारखंड विधानसभा बजट सत्र का समापन, CM हेमंत ने गिनाई उपलब्धियां व विकास का रोडमैप

झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का समापन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विस्तृत संबोधन के साथ हुआ. उन्होंने सदन को लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच बताते हुए राज्य की प्रगति, योजनाओं और भविष्य की दिशा पर विस्तार से जानकारी दी.
 

Ranchi : झारखंड विधानसभा के बजट सत्र का समापन मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के विस्तृत संबोधन के साथ हुआ. उन्होंने सदन को लोकतंत्र का सर्वोच्च मंच बताते हुए राज्य की प्रगति, योजनाओं और भविष्य की दिशा पर विस्तार से जानकारी दी.

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 6 वर्षों में राज्य का बजट 86 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 1 लाख 58 हजार 560 करोड़ रुपये हो गया है, जो करीब 85 प्रतिशत की वृद्धि है. उन्होंने बताया कि वित्तीय प्रबंधन के मामले में झारखंड अब देश में तीसरे स्थान पर पहुंच गया है.

 

सामाजिक सुरक्षा के तहत सर्वजन पेंशन योजना का दायरा बढ़ाकर 36 लाख से अधिक लोगों तक पहुंचाया गया है. मंईयां सम्मान योजना से 50 लाख से अधिक महिलाओं को लाभ मिल रहा है. महिलाओं और बच्चियों के लिए इस वर्ष 34 हजार करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है.

 

शिक्षा के क्षेत्र में 80 सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस शुरू किए जा चुके हैं और 100 नए स्कूल खोले जाएंगे. चतरा में डॉ. भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना होगी. इसके अलावा नए डिग्री कॉलेज और इंजीनियरिंग कॉलेज खोलने की योजना है. विदेश में पढ़ाई के लिए छात्रों को स्कॉलरशिप भी दी जाएगी.

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने एक कार्यकाल में तीन जेपीएससी परीक्षाएं पूरी कराई हैं और कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू की गई है.

 

तकनीक और विकास के क्षेत्र में सीएम डेटा इंटेलिजेंस प्लेटफॉर्म बनाया जाएगा, जिससे योजनाओं की निगरानी होगी. राज्य में आईटी पार्क और इको टूरिज्म को बढ़ावा देने की योजना है. ऊर्जा के क्षेत्र में भी स्वच्छ ऊर्जा पर काम किया जाएगा.

 

सांस्कृतिक विरासत को सहेजने के लिए गुरुजी मेमोरियल बनाया जाएगा और कई ऐतिहासिक स्थलों को विकसित किया जाएगा. प्रवासी मजदूरों और नागरिकों की मदद के लिए अन्य राज्यों और विदेशों में सहायता केंद्र खोले जाएंगे.

 

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर मनरेगा के बकाया फंड और मजदूरी दरों को लेकर सवाल उठाए. साथ ही विपक्ष पर सदन से अनुपस्थित रहने का आरोप लगाया.

 

विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार यह सत्र 112 प्रतिशत कार्यक्षमता के साथ चला. कुल 66 घंटे के निर्धारित समय के मुकाबले लगभग 74 घंटे काम हुआ. इस दौरान झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2026 भी पारित किया गया और पहली बार नेवा ई-विधान प्रणाली का उपयोग किया गया.

 

अंत में विधानसभा अध्यक्ष ने राज्य की जनता को विभिन्न त्योहारों की शुभकामनाएं दीं और इसके साथ ही सदन की कार्यवाही अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई.

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही