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रांची में 12-13 फरवरी को फिल्म फेस्टिवल का आयोजन, राज्यपाल संतोष गंगवार करेंगे उद्घाटन

रांची के ऑड्रे हाउस में 12 और 13 फरवरी को ‘सीएमएस वातावरण ट्रैवलिंग फिल्म फेस्टिवल एंड फोरम’ का आयोजन किया जाएगा. दो दिवसीय इस महोत्सव में नीति निर्माताओं, पर्यावरणविदों, फिल्म निर्माताओं, छात्रों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों को एक साझा मंच पर लाया जाएगा.
 

Ranchi: रांची के ऑड्रे हाउस में 12 और 13 फरवरी को ‘सीएमएस वातावरण ट्रैवलिंग फिल्म फेस्टिवल एंड फोरम’ का आयोजन किया जाएगा. दो दिवसीय इस महोत्सव में नीति निर्माताओं, पर्यावरणविदों, फिल्म निर्माताओं, छात्रों और नागरिक समाज के प्रतिनिधियों को एक साझा मंच पर लाया जाएगा. आयोजन का मुख्य केंद्र स्वदेशी ज्ञान, युवाओं की भागीदारी और पृथ्वी की देखभाल पर आधारित फिल्में, संवाद और जन-सहभागिता होगा.

 

महोत्सव का उद्घाटन राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार करेंगे. इस अवसर पर संजीव कुमार (प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख, झारखंड), अजय कुमार रस्तोगी (अध्यक्ष, टास्क फोर्स ऑन सस्टेनेबल जस्ट ट्रांजिशन एंड ग्रीन हाइड्रोजन, झारखंड) तथा डॉ. वसंती राव (महानिदेशक, सीएमएस वातावरण एवं अध्यक्ष, IUCN #NatureForAll) सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहेंगे.

 

प्रमुख आकर्षण ‘झारखंड ग्रीन एंबेसडर पुरस्कार’

उद्घाटन समारोह का प्रमुख आकर्षण ‘झारखंड ग्रीन एंबेसडर पुरस्कार’ का वितरण होगा. यह सम्मान जमीनी स्तर पर पर्यावरण संरक्षण के लिए उल्लेखनीय कार्य करने वाले दो सामाजिक नेताओं—बिटिया मुर्मू (महिला ग्रीन एंबेसडर) और गुलाब चंद्र प्रजापति (पुरुष ग्रीन एंबेसडर)—को प्रदान किया जाएगा. दोनों को वनों, जल स्रोतों और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा के लिए उनके सतत सामुदायिक प्रयासों और स्वदेशी नेतृत्व के लिए सम्मानित किया जाएगा.


महोत्सव में दो दिनों के दौरान 15 से अधिक चयनित राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फिल्मों का प्रदर्शन किया जाएगा. झारखंड पर आधारित एक विशेष रेट्रोस्पेक्टिव भी इसमें शामिल रहेगा. महोत्सव में सबसे पहले ‘ह्यूमन्स इन द लूप’ फिल्म (हिंदी और कुडुख) दिखाई जाएगी, जो तकनीक, समुदाय और परिवर्तन के विषयों पर विचार-विमर्श को आगे बढ़ाएगी.

 

फिल्म प्रदर्शन के अतिरिक्त ‘वातावरण की चौपाल’ के अंतर्गत संवाद सत्र, लाइव जनजातीय पेंटिंग, नुक्कड़ नाटक, फोटो प्रदर्शनी तथा युवाओं के लिए विशेष गतिविधियां भी आयोजित की जाएंगी. महोत्सव में प्रवेश निःशुल्क रहेगा और आम नागरिकों को भी इसमें भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है.


यह आयोजन रोहिणी नीलेकणी फिलेंथ्रोपीज के सहयोग से किया जा रहा है. राज्य कार्यक्रम भागीदारों में अखरा (Akhra), असर (ASAR) और सारथी (SAARTHI) शामिल हैं, जबकि उषा मार्टिन यूनिवर्सिटी नॉलेज पार्टनर के रूप में सहयोग दे रही है. महोत्सव को IUCN #NatureForAll का भी समर्थन प्राप्त है.

 

आयोजकों ने कहा, “झारखंड की पहचान इसके वनों और स्वदेशी ज्ञान में गहराई से निहित है, जो इसे संरक्षण पर संवाद के लिए एक आदर्श मंच बनाता है. सीएमएस वातावरण के इस संस्करण के माध्यम से केवल फिल्में नहीं दिखा रहे हैं, बल्कि लचीलेपन की कहानियों को रांची ला रहे हैं, ताकि एक आंदोलन शुरू किया जा सके. कहा कि यहां के युवा खुद को केवल दर्शक के रूप में नहीं, बल्कि राज्य के हरित भविष्य के प्राथमिक रचनाकारों के रूप में देखें.”

 

महोत्सव का समापन 13 फरवरी को होगा. समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में मंत्री दीपिका पांडेय सिंह शामिल होंगी. 
 

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