Ranchi : मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के प्रयास से रांची के हिंदपीढ़ी में “दिशोम गुरु शिबू सोरेन इंजीनियरिंग (JEE) और मेडिकल (NEET) कोचिंग संस्थान” की शुरुआत की गई है. यह संस्थान झारखंड के मेधावी छात्र-छात्राओं के लिए शुरू किया गया है, ताकि वे इंजीनियर और डॉक्टर बनने की तैयारी अपने ही राज्य में कर सकें.

इस कोचिंग संस्थान में छात्रों को पूरी तरह मुफ्त पढ़ाई, रहने और खाने की सुविधा दी जा रही है. इससे खासकर अनुसूचित जनजाति और अनुसूचित जाति वर्ग के छात्रों को बहुत लाभ मिलेगा.
उपायुक्त ने छात्रों से की बातचीत
03 जनवरी 2026 को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी, रांची मंजूनाथ भजन्त्री ने संस्थान का दौरा किया. उन्होंने कक्षाओं को देखा और वहां पढ़ रहे छात्र-छात्राओं से बातचीत की. छात्रों ने बताया कि इस कोचिंग से उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और अब उन्हें पढ़ाई के लिए बाहर जाने की जरूरत नहीं है.
हॉस्टल और मेस की भी सुविधा
संस्थान में लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग हॉस्टल, पढ़ने के लिए स्टडी हॉल, लाइब्रेरी और मेस की सुविधा है. उपायुक्त ने सभी जगहों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि छात्रों को किसी तरह की परेशानी न हो.
शदीदों के नाम पर रखा गया है हॉस्टल का नाम
दिशोम गुरु शिबू सोरेन इंजीनियरिंग कोचिंग संस्थान में किसान मजदूर के मेधावी बच्चों का नामांकन हुआ है. बालक-बालिकाओ के लिए अलग-अलग हॉस्टल बनाया गया है. इसमें नीलांबर पितांबर बालक छात्रावास, सिद्धु कान्हु एकेडमिक ब्लॉक, फूलो झानो बालिका छात्रावास, कईली दई, सिनगी दई, चंपु दई बालिका छात्रावास, भगवान बिरसा मुंडा छात्रावास बनाया गया है.
300 से ज्यादा छात्रों को मिल रहा लाभ
पहले चरण में इस संस्थान में 300 से अधिक छात्र-छात्राओं को चुना गया है. इन्हें मुफ्त कोचिंग के साथ रहने, खाने और अन्य जरूरी सुविधाएं दी जा रही हैं.
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