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पटना में निगरानी विभाग की बड़ी कार्रवाई: स्वास्थ्य निदेशक 40 हजार रुपये रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है.
 

Patna: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ राज्य सरकार की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो (Vigilance Investigation Bureau) की टीम को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है. ब्यूरो की विशेष टीम ने राजधानी पटना के व्यस्त व्यावसायिक इलाके गोविंद मित्रा रोड (जीएम रोड) में छापेमारी कर तिरहुत प्रमंडल के क्षेत्रीय स्वास्थ्य निदेशक अजय कुमार को 40 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है.

 


जाल बिछाकर स्वास्थ्य निदेशक को दबोचा

इस बड़ी कार्रवाई के संबंध में जानकारी देते हुए निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की डीएसपी रीता सिन्हा ने बताया कि आरोपी अधिकारी अजय कुमार के खिलाफ एक व्यक्ति से काम के एवज में रिश्वत मांगने की लिखित शिकायत मिली थी. ब्यूरो की टीम ने सबसे पहले इस शिकायत का गुप्त रूप से सत्यापन कराया. मामला सही पाए जाने के बाद डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया और योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाया गया.

मंगलवार को जैसे ही गोविंद मित्रा रोड स्थित ठिकाने पर रिश्वत की राशि (40 हजार रुपये) का लेन-देन हुआ, पहले से घात लगाए बैठी निगरानी की टीम ने त्वरित छापेमारी कर दी और निदेशक को रंगे हाथों दबोच लिया. अचानक हुई इस कार्रवाई से पूरे इलाके और स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया.

 आगे की जांच और पूछताछ जारी

निगरानी ब्यूरो की टीम गिरफ्तार स्वास्थ्य निदेशक को अपने साथ मुख्यालय ले गई है, जहां उनसे गहन पूछताछ की जा रही है. डीएसपी ने बताया कि इस रिश्वतखोरी के पीछे के मुख्य कारणों, फाइलों के लंबित होने और इस खेल में शामिल अन्य संभावित संलिप्त अधिकारियों व बिचौलियों की भूमिका की भी बारीकी से जांच की जा रही है. ब्यूरो आरोपी अधिकारी की संपत्तियों की भी जांच कर सकता है ताकि आय से अधिक संपत्ति के मामलों का पता लगाया जा सके.


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