Muzaffarpur: बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुजफ्फरपुर को एक बड़ी आर्थिक सौगात दी है. मंगलवार को जिले में आयोजित एक 'सहयोग शिविर' के दौरान मुख्यमंत्री ने आम जनता की समस्याओं को सुना और सालों से बंद पड़ी ऐतिहासिक मोतीपुर चीनी मिल को दोबारा चालू करने की बड़ी घोषणा की. सरकार के इस फैसले के बाद से ही पूरे क्षेत्र के किसानों, मजदूरों और स्थानीय निवासियों में भारी उत्साह और खुशी का माहौल है.
किसानों और स्थानीय युवाओं में जगी नई उम्मीद
मोतीपुर चीनी मिल पिछले कई वर्षों से निष्क्रिय पड़ी थी, जिससे क्षेत्र की आर्थिक गति थम सी गई थी. मुख्यमंत्री की इस घोषणा से मिल के पुनर्संचालन की संभावनाएं प्रबल हो गई हैं, जिससे स्थानीय लोगों को विकास की एक नई उम्मीद मिली है.
इस ऐतिहासिक फैसले पर चीनी मिल संघ के महामंत्री रामप्रवेश राय ने गहरी खुशी व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि क्षेत्र के लोग लंबे समय से इस चीनी मिल के दोबारा शुरू होने का इंतजार कर रहे थे. मुख्यमंत्री की यह पहल सराहनीय है. मिल के फिर से चालू होने का सबसे सीधा और बड़ा लाभ हमारे गन्ना किसानों को मिलेगा. इसके साथ ही, स्थानीय स्तर पर बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, जिससे युवाओं का पलायन रुकेगा."
क्षेत्र की आर्थिकी का मुख्य केंद्र रही है मिल
महामंत्री ने आगे कहा कि मोतीपुर चीनी मिल सिर्फ एक फैक्ट्री नहीं, बल्कि इस पूरे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों का मुख्य केंद्र रही है. इसके बंद होने के कारण किसानों को अपनी फसल औने-पौने दामों पर बेचनी पड़ती थी और भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था.
अब सरकार की इस सकारात्मक पहल से स्थानीय लोगों को पूरा भरोसा है कि मिल में जल्द ही कामकाज शुरू हो जाएगा. इससे न केवल गन्ना किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि मुजफ्फरपुर और आसपास के पूरे इलाके के औद्योगिक और आर्थिक विकास को एक नई रफ्तार मिलेगी.
मुजफ्फरपुर में जल्द शुरू होगी बंद पड़ी मोतीपुर चीनी मिल, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की घोषणा

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