Ranchi : BCCL ने अपनी आउट सोर्सिंग कंपनी AT Dev Prabha JV को कार्रवाई से बचाने के उद्देश्य से निदेशकों का नाम नहीं बताया. इससे पुलिस के पास भी कार्रवाई नहीं करने का कानूनी और तकनीकी आधार मिल गया है. इस अनोखे तरीके की वजह से तीन साल बाद भी इस कंपनी के खिलाफ किसी तरह कार्रवाई नहीं की जा सकी है.
BCCL की आउट सोर्सिंग कंपनी AT Dev Prabha JV के खिलाफ बलियापुर के तत्कालीन अंचल अधिकारी ने तिसरा थाने के अलगडीहा ओपी में प्राथमिकी (79/23) दर्ज करायी गयी थी. मामला रैयती जमीन पर OB Dump से प्रभावित रैयतों से संबंधित था. 2023 में प्राथमिकी दर्ज करने के बाद पुलिस भी सुस्त हो गयी.
विधानसभा की विशेष समिति के सामने यह मामले आने के बाद पुलिस हरकत में आयी. पुलिस ने BCCL से अपनी आउट सोर्सिंग कंपनी AT Dev Prabha JV के निदेशकों की जानकारी मांगी. लेकिन BCCL ने इससे संबंधित सूचना पुलिस को नहीं दी. हालांकि आउटसोर्सिंग के काम के लिए कागजी प्रक्रिया पूरा करने के लिए कंपनी की ओर से बीसीसीएल को निदेशकों के अलावा कंपनी की वित्तीय स्थिति की भी जानकारी दी गयी थी.
BCCL द्वारा सूचना नहीं देने के बहाने पुलिस ने इस आउट सोर्सिंग कंपनी के खिलाफ किसी तरह की कार्रवाई नहीं की. पुलिस चाहती तो AT Dev Prabha JV के निदेशकों का पता लगा सकती थी. लेकिन पुलिस ने पता लगा कर कार्रवाई करने के बदले कानूनी और तकनीकी आधार का सहारा लिया.
इस मामले में पुलिस की ओर से यह तर्क दिया गया कि वर्तमान निदेशकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने पर उनके बच निकलने की गुंजाइश है. इसकी वजह कंपनी के पास निदेशकों को बदलने का अधिकार होना है. कार्रवाई की स्थिति में वर्तमान निदेशक यह कह सकते हैं कि वर्ष 2023 में वे निदेशक नहीं थे. इसलिए पुलिस BCCL से तत्कालीन निदेशकों की जानकारी मांगी थी. लेकिन BCCL ने अधिकृत व्यक्ति का नाम बताया. नियानुसार कंपनी के काम के लिए निदेशक जिम्मेवार होते है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment