Ranchi : CUJ के व्यवसाय प्रशासन विभाग स्थित पर्सनैलिटी डेवलपमेंट क्लब द्वारा आज भारतीय ज्ञान प्रणाली के माध्यम से व्यक्तित्व विकास विषय पर आधारित एक कार्यशाला का आयोजन किया गया. कार्यशाला का केंद्रीय विषय सा विद्या या विमुक्तये रहा, जिसमें भारतीय ज्ञान परंपरा के माध्यम से व्यक्तित्व निर्माण पर गहन चर्चा की गई.
कार्यक्रम की शुरुआत प्रबंधन विभाग के वरिष्ठ प्रोफेसर और कार्यक्रम संयोजक प्रो. भगवान सिंह द्वारा की गई. उन्होंने मुख्य वक्ता, हिमाचल प्रदेश केंद्रीय विश्वविद्यालय के वरिष्ठ प्रोफेसर ओ.एस.के.एस. शास्त्री का शॉल ओढ़ाकर और पुष्पगुच्छ भेंट कर औपचारिक स्वागत किया.
कार्यक्रम का स्वागत भाषण अतिथि सहायक अध्यापक स्निग्धा सिंह और शोध छात्रा आकांक्षा शुभा द्वारा संयुक्त रूप से प्रस्तुत किया गया. उन्होंने कार्यशाला की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए भारतीय ज्ञान प्रणाली की प्रासंगिकता और आज के युवाओं के लिए इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला.
मुख्य वक्ता प्रो. शास्त्री ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि व्यक्तित्व विकास केवल बाहरी दिखावे तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आंतरिक वैचारिक शुद्धता और नैतिक मूल्यों से जुड़ा हुआ है, जिसकी जड़ें हमारी प्राचीन ज्ञान परंपराओं में निहित हैं. उन्होंने भारतीय दर्शन और जीवन मूल्यों को आत्मसात करने पर बल दिया.
स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंस भवन में आयोजित इस कार्यशाला में बड़ी संख्या में छात्रों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिली. इस अवसर पर विभागाध्यक्ष व डीन डॉ. बटेश्वर सिंह, डॉ. नागापवन, डॉ. नितेश भाटिया, डॉ. प्रज्ञान पुष्पांजलि और डॉ. रचना श्रीवास्तव विशेष रूप से उपस्थित रहे.
कार्यक्रम को सफल बनाने में विभाग के शोधार्थियों कुमार शिवम, अनिल, रूपेश, प्रिया, नीरज, अमिताभ एवं ईशिका ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई. कार्यक्रम के अंत में धन्यवाद ज्ञापन आकांक्षा शुभा द्वारा किया गया.
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