Kolkata : प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर अचानक सुर्खियां बटोरनेवाले पश्चिम बंगाल कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष अधीर रंजन चौधरी ने आज टीएमसी और सीएम ममता बनर्जी पर हमला बोला है.
अधीर रंजन ने आरोप लगाया कि टीएमसी वोटर लिस्ट में गड़बड़ी कर रही है. वह चुनावी प्रक्रिया में हस्तक्षेप कर रही है. उन्होंने स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को वोट चोरी का हथियार करार दिया. बता दें कि SIR के तहत पहले चरण में 58.2 लाख से ज्यादा वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से काटे गये हैं.
एएनआई को दिये एक इंटरव्यू में अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि मसीहा बनने का नाटक करने वाली ममता बनर्जी असल में बंगाल के लोगों के लिए मुसीबत बन गयी हैं. दावा किया कि टीएमसी नेताओं ने वोटरों को डराने और फिर उन्हें बचाने की रणनीति अपनाई है. कहा कि टीएमसी के महासचिव अभिषेक बनर्जी भी इस खेल में शामिल हैं.
अधीर रंजन चौधरी ने 2021 के पंचायत चुनाव का जिक्र करते हुए कहा कि पंचायत और नगरपालिका चुनावों में टीएमसी ने विरोधियों को मारकर या नामांकन रद्द कराकर चुनावी प्रक्रिया को अपने अनुकूल किया.
चौधरी ने आरोप लगाया कि 2021 के पंचायत चुनाव में टीएमसी वालों ने लगभग 65 हत्याएं की. चौधरी ने अंदेशा जताया कि विधानसभा चुनाव में भी इसी पैटर्न को दोहराने की कोशिश हो रही है. .
पश्चिम बंगाल में SIR प्रक्रिया को लेकर टीएमसी और चुनाव आयोग के बीच जारी टकराव के बीच चौधरी की टिप्पणियां अहम मानी जा रही है. टीएमसी कह रही है कि भाजपा एसआईआर का इस्तेमाल वोटरों को डराने के लिए कर रही है.
इसके उलट अधीर रंजन चौधरी इस मामले में टीएमसी को ही दोषी मान रहे हैं. अधीर रंजन चौधरी ने कहा कि 90-95 फीसदी बीएलओ सरकारी कर्मचारी होते हैं. टीएमसी इनका मैनेजमेंट आसानी से कर ले रही है.
चौधरी ने कहा कि बंगाल में डिलीशन अन्य राज्यों की तुलना में कम है.राजनीतिक गलियारो में चर्चा है कि टीएमसी पर हमला बोलकर अधीर रंजन चौधरी आगामी चुनाव मेंबंगाल में कांग्रेस की भूमिका को मजबूत करना चाहते हैं.
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