Tehran : ईरान में सत्ता परिवर्तन की मांग को लेकर विरोध-प्रदर्शन हर दिन बढ़ता जा रहा है. सड़कों पर तानाशाह मुर्दाबाद. डेथ टू डिक्टेटर.. के नारे गूंज रहे हैं कल बुधवार को ईरान में लगातार चौथे दिन देशव्यापी विरोध प्रदर्शन जारी रहा.
#Breaking: A few minutes ago, security forces of #Iran’s Islamic Regime raided the dormitory buildings of Shahid Beheshti University in Velenjak, north of #Tehran, to arrest multiple female students over their participation in yesterday’s anti-regime protests at the university.… pic.twitter.com/0jBYj9u3ms
— Babak Taghvaee - The Crisis Watch (@BabakTaghvaee1) December 31, 2025
Iran 🇮🇷 : third day of widespread protests and strikes.
— Ibex (@Umberto92494946) December 31, 2025
The Persian are not afraid, not anymore!
The fear that once silenced dissent is fading fast.
A recurring chant echoing through crowds is "Don't be afraid, don't be afraid—we are all together". pic.twitter.com/BV4UKMcWcD
खबर है कि प्रदर्शनकारियों ने कई शहरों में सत्ता विरोधी रैलियां निकाली. बताया जा रहा है कि प्रदर्शन का दायरा ईरान के 21 प्रातों तक फैल गया है. सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों को खदेड़ने के लिए कई जगहों पर बल प्रयोग किया.
नाहवंद, असदाबाद और हमादान आदि शहरों में गोलीबारी और आंसू गैस छोड़े जाने की सूचना है. लेकिन प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं. सूत्रों के अनुसार तेहरान यूनिवर्सिटी की छात्र लीडर सरीरा करीमी को पुलिस उठा ले गयी है.
इस्फ़हान, हमादान, बाघमलेक और पियान, बाबोल, देहलोरन आदि शहरो में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आये हैं वे सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के खिलाफ और निर्वासित राजकुमार रज़ा पहलवी के समर्थन में नारे लगा रहे हैं. वे पिछले विद्रोहों में सत्ता के हाथों मारे गये प्रदर्शनकारियों को याद कर रहे हैं.
ईरानी सत्ता के खिलाफ उपजे आक्रोश का कारण ईरान में बढ़ता आर्थिक संकट हैं. ईरान की मुद्रा रियाल डॉलर के मुकाबले ऐतिहासिक निचले स्तर पर पहुंच गयी है महंगाई दर 42 फीसदी तक पहुंच गई है. जनता हलकान है.
जानकारी सामने आयी है कि इस्फ़हान शहक में कल रात प्रदर्शनकारियों ने जनता का आह्वान करते हुए नारे लगाये. डरो मत, हम सब साथ हैं. उन्होंने तानाशाह मुर्दाबाद, डेथ टू डिक्टेटर" के नारे लगाए. देहलोरन और बागमलेक में प्रदर्शनकारी राजशाही के समर्थन में नारे लगा रहे थे. ईरान के पूर्व शासक रजा शाह पहलवी के समर्थन में नारे लग रहे थे. .
अहम खबर यह है इस प्रदर्शन को कुछ मौलानाओं ने भी सपोर्ट देना शुरू कर दिया है. सुन्नी मौलाना मोलावी अब्दोलहामिद ने लिविंग ऑफ स्टैंडर्ड क गिरते स्तर और राजनीतिक गतिरोध को विद्रोह का कारण बताया है.
मशहूर फिल्ममेकर जाफर पनाही ने विद्रोह को इतिहास को आगे बढ़ाने वाला करार दिया. कहा कि लोगों की साझा दर्द अब सड़कों पर चीख बन कर उभर रहा है. पश्चिमी देशों के नेताएं की भी इस आंदोलन पर नजर है. वे प्रदर्शनकारियों के समर्थन में खड़े हो रहे हैं.
अमेरिकी सीनेटर रिक स्कॉट ने कहा कि ईरानी लोग रान की ज़ालिम तानाशाही को खत्म करने की मांग कर रहे हैं उन्होंने प्रदर्शनकारियों से कहा, संघर्ष जारी रखें.
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