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इंदौर में दूषित पानी पीने से 9 लोगों की मौत, 150 अस्पताल में भर्ती,  हाई कोर्ट ने सरकार से रिपोर्ट मांगी

मध्य प्रदेश के शहरी विकास मंत्री और स्थानीय भाजपा विधायक कैलाश विजयवर्गीय पर आरोप लगा है कि उन्होंने एक रिपोर्टर के साथ बदसलूकी की. खबरों के अनुसार एक निजी टीवी चैनल के रिपोर्टर ने दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर मंत्री से पूछा, तो  कथित तौर से उन्होंने रिपोर्टर से अभद्र भाषा में बात की. आरोप है कि उन्होंने कहा, फालतू सवाल मत पूछो.
 

Indore : मध्य प्रदेश के इंदौर में  दूषित पानी पीने से 9 लोगों की मौत  और उल्टी और दस्त से पीड़ित लगभग 150 लोगों को अस्पतालों में भरती कराये जाने का मामला तूल पकड़ रहा है.

 

 
मामले की गंभीरता को देखते हुए मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने भारत के सर्वाधिक स्वच्छ कहे जाने वाले शहर में दूषित पानी की घटना पर मोहन यादव सरकार से दो दिनों में (2 जनवरी तक) स्टेटस रिपोर्ट मांगी है.


जान लें कि जस्टिस राजेश कुमार गुप्ता और बीपी शर्मा की वेकेशन बेंच ने इंदौर हाई कोर्ट बार एसोसिएशन के अध्यक्ष रितेश इनानी द्वारा दायर जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई की और सरकार से रिपोर्ट तलब की.


इंदौर के महापौर पुष्यमित्र भार्गव के जानकारी दी है कि  दस्त और उल्टी होने के कारण अब तक9 लोगों की मौत हो गयी है.  


रितेश इनानी ने बताया कि हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को दूषित पानी पीने से बीमार हुए लोगों के लिए मुफ्त इलाज सुनिश्चित करने का भीआदेश दिया है. 


खबरों के अनुसार पिछले कुछ दिनों में शहर ते भागीरथपुरा इलाके में दूषित पानी पीने से 1100 से अधिक लोगों को  दस्त और उल्टियां हुई, इनमें लगभग 150 मरीजों को अस्पताल में भर्ती कराया गया. जिनका इलाज जारी है.


इंदौर के जिला मजिस्ट्रेट शिवम वर्मा के अनुसार डॉक्टरों ने चार मौतों की पुष्टि की है. शहर में चल रहे 27 अस्पतालों में 149 मरीजों को भर्ती कराया गया है.   


इसी बीच  मध्य प्रदेश के शहरी विकास मंत्री और स्थानीय भाजपा विधायक कैलाश विजयवर्गीय पर आरोप लगा है कि उन्होंने रिपोर्टर के साथ बदसलूकी की.


खबरों के अनुसार एक निजी टीवी चैनल के रिपोर्टर ने दूषित पानी से हुई मौतों को लेकर मंत्री से पूछा, तो  कथित तौर से उन्होंने रिपोर्टर से अभद्र भाषा में बात की.  आरोप है कि उन्होंने कहा, फालतू सवाल मत पूछो.


घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर  वायरल होने पर इसके बाद कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पोस्ट पर खेद व्यक्त किया.


उन्होने कहा,  मैं और मेरी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोये प्रभावित क्षेत्र में लगातार स्थिति सुधारने में जुटी हुई है. दूषित पानी पीने से मेरे लोग पीड़ित हैं. कुछ लोग हमें छोड़कर चले गये.  इस गहरे दु:ख में मीडिया के प्रश्न पर मेरे से शब्द गलत निकल गये. इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं.  

 

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