Ranchi : प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता सोनाल शांति ने भाजपा के झारखंड बंद को लेकर भाजपा पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि छात्रों के आंदोलन के समर्थन के नाम पर भाजपा ने सिर्फ दिखावा किया. छात्रों के मुद्दे पर भाजपा के नेता सड़क और सदन दोनों जगह से गायब रहे.
सोनाल शांति ने कहा कि जब छात्र अपनी मांगों को लेकर विधानसभा का घेराव कर रहे थे, उसी समय बाबूलाल मरांडी, आदित्य साहू समेत भाजपा के विधायक मुख्यमंत्री आवास के घेराव में लगे थे. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने अपने कुछ लोगों को छात्रों के आंदोलन को बदनाम करने के लिए भेजा.
उन्होंने कहा कि इस स्थिति से बचने के लिए भाजपा ने आनन-फानन में झारखंड बंद का आह्वान किया, लेकिन बंद पूरी तरह विफल रहा. जनता और छात्रों ने भाजपा के विधायकों को अपनी आवाज विधानसभा में उठाने के लिए चुना है. इसके बावजूद विधानसभा घेराव के दिन भाजपा नेताओं का सदन से गायब रहना बताता है कि भाजपा छात्रों के मुद्दे पर राजनीति कर रही है.
सोनाल शांति ने कहा कि भाजपा जेपीएससी मामले की सीबीआई जांच की मांग के बहाने राज्य में राजनीतिक अस्थिरता पैदा करना चाहती है. उन्होंने कहा कि देश में सीबीआई कई मामलों की जांच कर रही है, लेकिन जांच में आरोपी बनाए गए सभी लोग अपराधी साबित नहीं हुए हैं.
उन्होंने प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि संसद के पास बैठे छात्रों से मिलने का समय केंद्र के नेताओं के पास नहीं था, लेकिन राहुल गांधी पर सवाल उठाए जाते हैं. उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर छात्रों के खिलाफ पैलेट गन और एके-47 के इस्तेमाल के आरोप लगते रहे हैं, उन्हें झारखंड की कार्रवाई पर सवाल नहीं उठाना चाहिए.
कांग्रेस प्रवक्ता ने कहा कि लाठीचार्ज और हिंसा किसी समस्या का समाधान नहीं है. छात्रों की समस्याओं का समाधान बातचीत से ही हो सकता है. झारखंड में भी संवाद के जरिए समाधान निकाला जाएगा.
उन्होंने कहा कि आंदोलनकारी छात्रों ने खुद कहा है कि उनके आंदोलन को खराब करने के लिए असामाजिक तत्व इसमें घुसे और प्रशासन पर हमला किया. सोनाल शांति ने आदित्य साहू से छात्रों से माफी मांगने की मांग की. उन्होंने कहा कि झारखंड के छात्र भाजपा के सांप्रदायिक रास्ते पर नहीं, बल्कि अपने बेहतर भविष्य के रास्ते पर आगे बढ़ेंगे.
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