Adityapur (Sanjeev Mehta) : आदित्यपुर का नदी तट इनदिनों बालू माफियाओं का चारागाह बना हुआ है. सालडीह, मांझीटोला, जेपी उद्यान, रोड नंबर 32 और रायडीह के घाटों से रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक खरकई नदी से अंधाधुंध बालू खनन हो रहा है. वहीं पुलिस प्रशासन मौन और खामोश है. बालू माफिया से सवाल करने पर स्पष्ट कहते हैं कि सबकुछ मैनेज है कोई रोक नहीं सकता. बता दें कि एक ओर जहां पर्यावरणीय दृष्टिकोण से नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने 15 अक्टूबर तक बालू खनन पर रोक लगा रखी है वहीं जिला प्रशासन के मुखिया डीसी बालू खनन के लिए टास्क फोर्स गठित कर रखे हैं लेकिन इन सभी बातों को धत्ता बताते हुए बालू माफिया रात के अंधेरे में बेखौफ होकर बालू का अवैध खनन कर रहे हैं और सरकार को राजस्व की क्षति पहुंचाने के साथ पर्यावरणीय ढांचे को भी ध्वस्त करने में लगे हैं.
इसे भी पढ़ें :जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-many-trains-including-steel-express-canceled-due-to-rail-chakka-jam-passenger-lightheaded/">जमशेदपुर
: रेल चक्का जाम से स्टील एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनें रद्द, यात्री हलकान बालू खनन का खेल जोरों पर
वार्ड 17 की पार्षद नीतू शर्मा कहती हैं कि उन्हें नदी किनारे रहने वाले लोग और सुबह जय प्रकाश में मॉर्निंग वॉक करने वाले लोग ढेरों शिकायत कर रहे हैं. उन्होंने जब रोकने की कोशिश की तो उन्हें बालू माफिया ने धमकी देते हुए कहा कि सब मैनेज है, आप चुप रहिए. बता दें कि बालू खनन दिन के उजाले में भी होते हैं, लेकिन दिन में बालू माफिया बोरी में भरकर स्कूटी से बालू खनन कर स्टॉक कर रहे हैं. ऐसे में आदित्यपुर में बालू खनन का खेल जोरों पर है और पुलिस प्रशासन एवं जवाबदेह लोग चुप्पी साधे हुए हैं.
इसे भी पढ़ें :चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-not-a-single-permanent-teacher-of-tribal-and-regional-language-in-kolhan-university/">चाईबासा
: कोल्हान विवि में जनजाति व क्षेत्रीय भाषा के एक भी स्थायी शिक्षक नहीं
Leave a Comment