Adityapur (Sanjeev Mehta) : श्रीमन नारायण ...हरि बोलो ...की गूंज से आदित्यपुर का जयप्रकाश उद्यान शुक्रवार की सुबह गुंजायमान हो
गया. यहां उत्तरवाहिनी खरकई नदी के तट पर विशाल नौ दिवसीय लक्ष्मी नारायण सह श्रीराम महायज्ञ का शुक्रवार से शुभारंभ हो गया
है. इसको लेकर सुबह 1008 महिलाओं ने अयोध्या और बक्सर के त्रिदंडी स्वामी पीठ से पहुंचे आचार्यों के साथ कलश सह शोभायात्रा लेकर
निकली. लक्ष्मी नारायण सह श्रीराम महायज्ञ 6 जनवरी से 15 जनवरी 2023 तक नौ कुंडीय लक्ष्मी नारायण सह श्रीराम महा ज्ञानयज्ञ
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: रायपुर सहित कई जिलों में आयकर विभाग का छापा, मचा हड़कंप शाम में सुंदरकांड का होगा पाठ

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alt="" width="600" height="400" /> सभी 1008 महिलाएं
नगीनापुरी स्थित चित्रकूट घाट के लिए प्रस्थान
कीं. वहां से कलश में जल भर कर हरिओम नगर होकर शेरे पंजाब चौक, पान दुकान शिव मंदिर होकर वापस यज्ञ स्थल तक
आएंगी. शुक्रवार को जलाभिषेक की रस्म के साथ शाम में सुंदरकांड का पाठ
होगा. सात जनवरी से 12 जनवरी तक प्रतिदिन रुद्राभिषेक के साथ महायज्ञ
चलेगा. इस महायज्ञ की विशेषता यह है कि रामकथा भी होगा जो 15 जनवरी 2023 तक
चलेगा. 15 जनवरी को महाभंडारा के साथ महायज्ञ सम्पन्न
होगा. वहीं महायज्ञ में शाम 2 बजे से प्रतिदिन संगीतमय भागवत कथा अयोध्या से पधारे आचार्य
देवेशाचार्य जी
सुनाएंगे. चार आचार्य सुनाएंगे भागवत कथा
जगतगुरु रामानुचार्य, यज्ञाचार्य त्रिदंडी स्वामी
गोपालचार्य, रामजी
प्रपन्नचार्य जी और आचार्य मोहन स्वामी
धर्मानुरागी भक्तों को भागवत कथा
सुनाएंगे. इस महायज्ञ के मुख्य यजमान उद्यमी और
एसिया के उपाध्यक्ष सुधीर सिंह व उनकी धर्मपत्नी सुमन सिंह
हैं. महायज्ञ में
धर्मयात्रा महासंघ बढ़-चढ़ कर सहभागिता निभा रही
है. महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष एके श्रीवास्तव, कार्यकारी अध्यक्ष श्रीराम ठाकुर, उपाध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रवाल, नगर निगम के डिप्टी मेयर अमित सिंह, पार्षद नीतू शर्मा, उपाध्यक्ष देवांग चंद्र मुखी, कांग्रेस कार्यकारी जिलाध्यक्ष
अम्बुज कुमार, अनिल तिवारी, रमेश अग्रवाल, शिवशंकर मिश्रा, गणेश चौबे, दीपलाल सिंह, रामविचार राय, भगवान झा, राजीव मोहन सिंह, आदि
धर्मानुरागी भी इसमें तन मन धन से सहभागिता निभा रहे
हैं. बता दें कि इससे पूर्व वर्ष 2016 में भी उत्तरवाहिनी खरकई नदी के तट पर त्रिदंडी स्वामी के निर्देशन में लक्ष्मी नारायण महायज्ञ हो चुका
है. जिसमें आदित्यपुर वासियों और धर्मावलंबियों ने महती भूमिका निभाई
थी. [wpse_comments_template]
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