- आदित्यपुर लैम्प्स कार्यालय के खुलने पर संशय
- जिला सहकारिता पदाधिकारी की कार्रवाई भी नहीं आई काम
- 2022 में 250 ऋण धारकों को भेजा गया था नोटिस
- 36 के विरुद्ध जारी हुआ था बॉडी वारंट, नहीं हुई कोई कार्रवाई
: नाबालिग से दुष्कर्म के अभियुक्त 25 साल की कारावास साथ ही 36 के विरुद्ध बॉडी वारंट भी जारी हुआ था, लेकिन इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई. बता दें कि लैम्पस से ऋण लेकर बकायेदार वर्षों से कुंभकर्णी निद्रा में सोये हुए हैं. सहकारिता विभाग भी अब उन पर शिकंजा कसना बंद कर दिया है. नीलाम पत्र पदाधिकारी सह जिला सहकारिता पदाधिकारी ने 2022 में सभी बकायेदारों के विरुद्ध बॉडी वारंट जारी करते हुए कांड्रा, गम्हरिया और आदित्यपुर पुलिस को बकायेदारों की सूची सौंप कर कार्रवाई का आदेश दिया था. तब बकायेदारों पर बॉडी वारंट जारी होते ही वर्षों से ऋण लेकर चुकता नहीं करने वाले लाभुकों में खलबली मच गई थी. दूसरी ओर अपने जमा पैसे की वापसी के लिए प्रतिदिन लैम्पस का चक्कर काटने वालों के मन में बॉडी वारंट जारी होते ही पैसे वापस मिलने की आस जगी थी. इसे भी पढ़ें : गुड़ाबांदा">https://lagatar.in/gudabanda-cattle-dies-after-being-hit-by-unknown-vehicle/">गुड़ाबांदा
: अज्ञात वाहन के धक्के से मवेशी की मौत बता दें कि कांड्रा लैम्पस से सैकड़ों लाभुकों ने लगभग 10 से 15 वर्ष पूर्व ऋण के रूप में एक बड़ी राशि ली थी, लेकिन बाद में उनके द्वारा ना तो किस्त के रूप में रकम वापसी की गई और ना ही ऋण चुकाने के प्रति बकायेदारों ने दिलचस्पी दिखाई. बता दें कि आदित्यपुर लैम्प्स में पूर्व के सहकारिता पदाधिकारी के द्वारा अपने सगे संबंधियों में बांटी गई ऋण की वजह से यहां के करीब 350 रोजमर्रा का व्यवसाय करने वाले लोगों के पैसे लैम्प्स के खाते में फंसे हुए हैं. वर्तमान में आदित्यपुर लैम्पस में ताला पड़ा है और अब सारा कामकाज गम्हरिया से हो रहा है. [wpse_comments_template]
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