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आदित्यपुर : जेएमटी ऑटो लिमिटेड अधिग्रहण के लिए एनसीएलटी की मिली मंजूरी

 
Adityapur (Sanjeev Mehta) : आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की बंद पड़ी बड़ी कंपनी जेएमटी ऑटो लिमिटेड जो बाद में एमटेक समुह द्वारा अधिग्रहित की गई थी. जेएमटी ऑटो लिमिटेड का कायाकल्प अब आदित्यपुर की कंपनी रामाकृष्णा फोर्जिंग ग्रुप करेगी. बता दें कि राजीव दुग्गल द्वारा स्थापित इस कंपनी का कभी औद्योगिक क्षेत्र में तूती बोलती थी. बेचे जाने के बाद यह कंपनी कभी घाटे से उबर नहीं पाई. दिवालिया हो चुकी इस कंपनी को रामाकृष्णा फोर्जिंग ने सबसे अधिक बोली लगाकर खरीद लिया है. खरीदने के बाद से कंपनी अधिग्रहण को लेकर मामला नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल में लटका हुआ था. सोमवार को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल कोर्ट में इस ममाले की सुनवाई हुई और रामाकृष्णा फोर्जिंग के पक्ष में मंजूरी दे दी गई. इसे भी पढ़ें :चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-university-sought-clarification-from-principal-and-controller-of-examinations-in-charge-of-womens-college/">चाईबासा

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रामाकृष्णा फोर्जिंग कंपनी के पक्ष में फैसला दिया गया

बीएसई में सूचीबद्ध‍ जेएमटी ऑटो ने एक्सचेंज को भेजी सूचना में कहा कि आईबीसी की शर्तों के मुताबिक दो समाधान योजनाओं पर 19 नवंबर 2022 को ई-वोटिंग हुई थी. जिसका परिणाम इसी वर्ष 16 जनवरी 2023 को रामाकृष्णा फोर्जिंग के पक्ष में दिया गया था. इसके बाद अधिग्रहण का मामला एनसीएलटी कोर्ट दिल्ली में चल रहा था. इसकी सुनवाई पुरी होने के बाद सोमवार को रामाकृष्णा फोर्जिंग कंपनी के पक्ष में फैसला दिया गया है. बता दें कि जेएमटी ग्रुप की सात इकाइयों को 84.61 प्रतिशत लेनदारों ने मंजूरी दी थी. जेएमटी ग्रुप के सात ईकाईयों में ऐक्सिस बैंक (स्वीकार्य दावा 76.93 करोड़ रुपये), आईडीबीआई बैंक (58.12 करोड़ रुपये), भारतीय स्टेट बैंक (25.9 करोड़ रुपये) का बकाया था. इसे भी पढ़ें :गुड़ाबांदा">https://lagatar.in/gudbanda-agency-forgot-maintain-after-road-construction/">गुड़ाबांदा

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अधिग्रहण से चार हजार लोगों को होगा फायदा 

आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र की सबसे बड़ी कंपनी के रूप में जेमएटी ऑटो ग्रुप को माना जाता था. आदित्यपुर में इसमे कुल सात इकाई हैं. जिसमें करीब चार हजार स्थायी कामगार हैं. बता दे कि कंपनी को एमटेक समुह ने खरीद लिया था लेकिन कंपनी धीरे-धीरे कर्ज में डूबती गयी और फिर बंद होने के बाद दिवालिया घोषित हो गई थी. इसके बाद कंपनी की नीलामी की प्रक्रिया शुरू हुई और इसमें रामाकृष्णा फोर्जिंग ग्रुप सफल बोलीदाता के रूप में सामने आया. कंपनी सूत्रों की मानें तो इन सातों इकाईयों के खुलने के बाद करीब चार हजार कामगारों को फिर से रोजगार मिलने के आसार बन गए हैं. इसे भी पढ़ें :धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-people-of-jharia-will-no-longer-have-water-problems-poornima-neeraj-singh/">धनबाद:

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