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आदित्यपुर : 2 हजार पेड़ काटने की अनुमति नहीं मिली, इसलिए नहीं शुरू हो रहा वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य

 
Adityapur (Sanjeev Mehta) : आदित्यपुर वृहत जलापूर्ति योजना कार्य कछुए की चाल से चल रहा है. 2 महीने पूर्व इस योजना की लेटलतीफी को लेकर जहां जन कल्याण मोर्चा ने जनहित याचिका दायर की है. इसके बाद वन विभाग ने कुछ शर्तों के साथ एनओसी देने की बात कही, लेकिन 2 माह बीत जाने के बाद भी वन विभाग ने सपड़ा में 2 हजार पेड़ काटने की अनुमति नहीं दी है. इसके कारण वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का कार्य अब तक शुरू नहीं हो पाया है. जलापूर्ति योजना के नोडल ऑफिसर अजय कुमार ने बताया अब तक 4 दिन में एनओसी देने की बात कहकर विभाग समय बर्बाद कर रहा है. सपड़ा में बनने वाले वाटर ट्रीटमेंट प्लांट के बदले वन विभाग को 11 एकड़ झारखंड सरकार की जमीन नीमडीह में हस्तांतरित की जा चुकी है, इसके बावजूद वन विभाग अब तक कार्य करने में बाधा बना हुआ है. इसे भी पढ़ें : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-bjp-mahila-morcha-will-send-letters-of-gratitude-to-the-prime-minister-from-every-booth/">चांडिल

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सपड़ा में 60 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनेगा

बता दें कि आदित्यपुर नगर निगम अंतर्गत वृहद जलापूर्ति योजना के तहत सपड़ा में 60 एमएलडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट का निर्माण होना है. इसके लिए झारखंड सरकार के वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन विभाग रांची ने 4.49 हेक्टेयर वन भूमि के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र दे दिया है. लेकिन इस जमीन पर खड़ी 2 हजार पेड़ को काटने की अनुमति नहीं मिली है. पिछले दिनों जनहित याचिका दायर होने के बाद सामाजिक संस्था जन कल्याण मोर्चा के प्रतिनिधि को वन प्रमंडल पदाधिकारी सरायकेला ने बताया था कि कुछ शर्तों के साथ जुडको वाटर ट्रीटमेंट प्लांट निर्माण कार्य प्रारंभ कर सकता है. वहीं सीतारामपुर वाटर ट्रीटमेंट प्लांट जहां से 30 एमएलडी पानी की आपूर्ति प्रतिदिन होनी है, वहां की भी एनओसी अभी नहीं दी गई है. बता दें कि आदित्यपुर के 55 हजार परिवारों को 24 गुना 7 जलापूर्ति देने के उद्देश्य से वर्ष 2017 में 395 करोड़ रुपये की योजना का शिलान्यास हुआ था. तब 36 माह में जलापूर्ति योजना पूरी होने की बात कही गई थी. इसे भी पढ़ें : अधीर">https://lagatar.in/adhir-ranjan-said-mamata-made-dengue-demonic-rule-in-bengal-tmc-said-congress-should-remain-within-limits/">अधीर

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क्या है योजना की प्रगति

योजना के नोडल अधिकारी के अनुसार अब तक 500 किलोमीटर जलापूर्ति पाइप लाइन में से 425 किलोमीटर पाइप बिछा दी गई है. 55 हजार परिवारों में से 18000 को बिछाई गई पाइप लाइन से कनेक्शन के साथ मीटर दिया जा चुका है, लेकिन 11 जलमीनार में से अब तक 3 का ही निर्माण हुआ है. 7 का निर्माण प्रगति पर है और एक जलमीनार का कार्य वन भूमि की अनापत्ति प्रमाण पत्र नहीं मिलने से शुरू नहीं हो सका है. सपड़ा में 60 एमजीडी और सीतारामपुर में 30 एमजीडी का वाटर ट्रीटमेंट प्लांट बनना है, लेकिन दोनों का कार्य अब तक वन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र के बगैर शुरू नहीं हो सका है. [wpse_comments_template]
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