Search

आदित्यपुर : टीएमसी नेता ने आकाशवाणी व टोल ब्रिज मोड़ पर गोलचक्कर बनाने की मांग की

Adityapur (Sanjeev Mehta) : टाटा-मुख्य मार्ग पर पिछले 14 महीने में घटित 150 से अधिक सड़क दुर्घटनाओं में 100 लोगों के मृत्यु होने का हवाला देते हुए आल इंडिया तृणमूल कांग्रेस के युवा जिलाध्यक्ष बाबू तांती ने जिला प्रशासन से आकाशवाणी चौक और टोल ब्रिज मोड़ पर गोलचक्कर के साथ ट्रैफिक सिग्नल स्थापित करने की मांग की है. उन्होंने कहा है कि वर्ष 2022 में जहां 87 लोगों की मौत इस सड़क पर दुर्घटनाओं की वजह से हुई थी वहीं 2023 के शुरुआती 2 महीने के अंदर ही एक दर्जन लोगों की मौत सड़क दुर्घटनाओं में हो चुकी है जो बेहद चिंता जनक है. इसे भी पढ़ें :चाईबासा">https://lagatar.in/chaibasa-loot-in-sadar-bazars-potato-store-absconding-with-a-box-of-straw/">चाईबासा

: सदर बाजार के आलू भंडार में लूट, गल्ले के बक्से को लेकर फरार

दोनों चौराहा छोटे वाहनों के लिए खतरनाक है - बाबू तांती

[caption id="attachment_554252" align="aligncenter" width="300"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2023/02/tmc-neta-mang-300x200.jpg"

alt="" width="300" height="200" /> आकाशवाणी मोड़[/caption] अपनी मांग में टीएमसी नेता ने कहा है कि चूंकि यह सबसे व्यस्ततम स्टेट हाइवे है, जिसपर प्रतिदिन 50 हजार से ज्यादा चौपहिया और 1000 के करीब 10 पहिया वाहनों का आवागमन होता है. औद्योगिक क्षेत्र होने के नाते प्रतिदिन 1000 से ज्यादा वाहन दूसरे राज्यों से माल लेकर आते और जाते हैं, ऐसे में ये दोनों चौराहा छोटे वाहनों (तिपहिया और चौपहिया) के लिए खतरनाक बन जाता है. यही वजह है इस दोनों मोड़ पर सड़क दुर्घटना का औसत दूसरे जगहों से ज्यादा है. अतः जिला प्रशासन को इस बात को गंभीरता से लेते हुए जनहित में यहां गोलचक्कर और ट्रैफिक सिग्नल स्थापित करना चाहिए. ज्ञापन में खरकई पुल से लेकर कांड्रा टोल बूथ तक 15 किलोमीटर में मुख्य सड़क के दोनों ओर स्ट्रीट लाइट लगाने की भी मांग की गई है. इसे भी पढ़ें :बक्सर">https://lagatar.in/buxar-accident-of-pappu-yadavs-convoy-11-people-injured-vehicles-blown-up/">बक्सर

: पप्पू यादव के काफिले का एक्सीडेंट, 11 लोग घायल, गाड़ियों के उड़े परखच्चे

फुट ओवर ब्रिज बनाने की भी मांग की गई

इतना ही नहीं सड़क के फोरलेन बन जाने की वजह से पैदल यात्रियों के सड़क पार करने की परेशानियों को देखते हुए सर्वाधिक आबादी वाले चौराहों पर सर्वे कर फुट ओवर ब्रिज बनाने की भी मांग की गई है. टीएमसी युवा नेता ने कहा है कि चूंकि फोरलेन सड़क पार करने में सबसे अधिक परेशानी स्कूली बच्चे, महिलाओं और बुजुर्गों को होती है जिसे देखते हुए वे इन मांगों को जिला प्रशासन से प्राथमिकता के आधार पर करते हैं. टीएमसी नेता ने दावा किया है कि उनकी मांगों को यदि जिला प्रशासन पूरा कर देती है तो 90 फीसदी सड़क दुर्घटनाओं में कमी आ जाएगी और लोगों की जानें बचेगी. इसे भी पढ़ें :पटना">https://lagatar.in/patna-big-action-by-bihar-police-30-cyber-criminals-arrested-in-10-districts/">पटना

: बिहार पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 10 जिलों 30 साइबर अपराधियों को किया गिरफ्तार
[wpse_comments_template]  

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp