Ranchi News: मरीजों को सस्ती और जरूरी दवाएं आसानी से उपलब्ध कराने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने बड़ा फैसला लिया है. राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों की प्रत्येक बिल्डिंग में जन औषधि केंद्र और अमृत फार्मेसी की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है. इसके साथ ही सभी जिला अस्पताल, अनुमंडल अस्पताल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी जन औषधि केंद्र खोलने को कहा गया है.
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स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की खरीद को लेकर बैठक हुई. वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई बैठक में अस्पतालों में दवाओं की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई.
बैठक में निर्देश दिया गया कि जिन मेडिकल कॉलेजों में अभी जन औषधि केंद्र और अमृत फार्मेसी नहीं हैं, वहां 15 दिनों के अंदर जरूरी प्रक्रिया पूरी कर इन्हें शुरू किया जाए. RIMS सहित सभी मेडिकल कॉलेजों की अलग-अलग बिल्डिंग में मरीजों की जरूरत के अनुसार ये सुविधाएं उपलब्ध कराने को कहा गया है.
RIMS के मुख्य अस्पताल के अलावा ट्रॉमा सेंटर, नेत्र संस्थान और दंत चिकित्सा संस्थान में भी जन औषधि केंद्र और अमृत फार्मेसी की सुविधा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.
अपर मुख्य सचिव ने कहा कि जन औषधि केंद्र ऐसे स्थान पर बनाए जाएं, जहां मरीज और उनके परिजन आसानी से पहुंच सकें. इसके लिए मुख्य प्रवेश द्वार, निकास द्वार या रिसेप्शन के आसपास जगह को प्राथमिकता देने को कहा गया है. केंद्रों को बिजली और पानी की सुविधा भी निःशुल्क देने का निर्देश दिया गया है.
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में जगह की कमी होने पर जरूरत के अनुसार दुकान या काउंटर की व्यवस्था कर जन औषधि केंद्र शुरू करने को कहा गया है. सभी सदर, अनुमंडल और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में भी 15 दिनों के भीतर प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है.
बैठक में अस्पतालों में जरूरी दवाओं के स्टॉक और मरीजों को दवा मिलने की व्यवस्था की भी समीक्षा हुई. अधिकारियों को जरूरी दवाओं की सूची तैयार कर पर्याप्त स्टॉक रखने का निर्देश दिया गया. साथ ही दवाओं की उपलब्धता और वितरण की नियमित निगरानी करने को कहा गया.
दवाओं की खरीद की कीमत को लेकर भी विभाग ने सख्ती दिखाई. अजय कुमार सिंह ने कहा कि दूसरे राज्यों की तुलना में झारखंड में दवाओं की कीमत अधिक नहीं होनी चाहिए. दवाओं की खरीद उचित और प्रतिस्पर्धी दर पर करने का निर्देश दिया गया.
बैठक में विशेष सचिव डॉ. नेहा अरोड़ा, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, RIMS के डॉ. पी. भट्टाचार्य, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला, ड्रग्स निदेशक रीतु सहाय सहित मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य और सिविल सर्जन मौजूद रहे.
विभाग ने स्पष्ट किया कि सरकारी अस्पतालों में इलाज कराने वाले मरीजों को जरूरी दवाएं समय पर, आसानी से और उचित कीमत पर उपलब्ध कराना प्राथमिकता है.
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