Ranchi : रिम्स परिसर में बीते 11 साल से निर्माणाधीन क्षेत्रीय नेत्र संस्थान अब पूरी तरह बनकर तैयार हो गया है. यहां 18 जनवरी से मरीजों का इलाज शुरू कर दिया जाएगा. हालांकि भवन का औपचारिक उद्घाटन बाद में किया जाएगा. यह भवन झारखंड राज्य भवन निर्माण निगम लिमिटेड द्वारा बनाया गया है और इसका संयुक्त निरीक्षण निदेशक सहित अन्य अधिकारियों ने किया है.
रिम्स के चिकित्सा अधीक्षक ने नेत्र रोग और ईएनटी विभाग के विभागाध्यक्षों को निर्देश दिया है कि वे 18 जनवरी तक अपने विभागों को नए आरआरडीओ भवन में शिफ्ट कर लें. पत्र में कहा गया है कि पुराने भवन की भी मरम्मति की जाएगी, इसलिए नेत्र और ईएनटी विभाग को जल्द नए भवन में स्थानांतरित करें.
संस्थान को सुचारु रूप से चलाने के लिए रिम्स प्रशासन ने विशेषज्ञ डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और तकनीकी कर्मियों समेत कुल 103 पदों को मंजूरी दी है. रोस्टर क्लियरेंस के लिए प्रस्ताव भेजा जा चुका है और मंजूरी मिलते ही भर्ती प्रक्रिया शुरू होगी.
यहां मोतियाबिंद, कॉर्निया ट्रांसप्लांट, रेटिना, ग्लूकोमा और बच्चों की आंखों की गंभीर बीमारियों का आधुनिक इलाज किया जाएगा. नए और अत्याधुनिक उपकरण भी लगाए जाएंगे. रिम्स आई बैंक के अनुसार, संस्थान शुरू होने के बाद कॉर्निया ट्रांसप्लांट की संख्या दोगुनी तक बढ़ सकती है.
इस संस्थान का निर्माण वर्ष 2014 में स्टेडियम के पास तीन एकड़ जमीन पर शुरू हुआ था. शुरुआत में इसकी लागत करीब 39.5 करोड़ रुपये थी, जो बढ़कर लगभग 85 करोड़ रुपये हो गई. बाद में संशोधित प्राक्कलन में करीब 45 करोड़ रुपये और जोड़े गए.
संस्थान की आठ मंजिला इमारत में पहली मंजिल पर ओपीडी और रिसेप्शन, दूसरी पर निदेशक कक्ष और छोटा ऑपरेशन थिएटर, तीसरी पर बड़ा ऑपरेशन थिएटर, चौथी और पांचवीं मंजिल पर वार्ड तथा ऊपर की मंजिलों पर सेमिनार हॉल और लेक्चर थिएटर बनाए गए हैं. संस्थान शुरू होने के बाद आंखों से जुड़ी कई जटिल बीमारियों का इलाज एक ही छत के नीचे संभव हो सकेगा, जिससे मरीजों को बड़ी राहत मिलेगी.
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