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महसा अमिनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद सड़कों पर उतरी ईरानी महिलाएं, हिजाब उतार फेंके, डेथ टू डिक्टेटर के नारे लगाये

Tehran  : ईरान में 22 साल की महिला महसा अमिनी की पुलिस हिरासत में मौत के बाद हजारों महिलाओं ने इस्लामिक शासन के खिलाफ मोर्चा खोल गिया है. वे महसा को इंसाफ दिलाने के लिए सरकार के खिलाफ खड़ी हो गयी है. खबरों के अनुसार महसा अमिनी (Mahsa Amini) को हिजाब के नियमों का पालन नहीं करने के लिए ईरानी पुलिस ने गिरफ्तार किया था. कहा जा रहा है कि उसे कस्टडी में बुरी तरह प्रताड़ित किया गया, जिस वजह से उसकी मौत हो गयी.  इसे भी पढ़ें : भारत">https://lagatar.in/before-starting-bharat-jodo-yatra-rahul-gandhi-meets-fishermen-discusses-rising-fuel-prices-reduction-in-subsidy/">भारत

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ईरान की मोरैलिटी पुलिस ने महसा को हिरासत में लिया था

जानकारी के अनुसार 13 सितंबर को ईरान की मोरैलिटी पुलिस ने महसा को हिरासत में लिया था. पुलिस का आरोप था कि उसने ड्रेस कोड का पालन नहीं किया था. महसा अमिनी कथित तौर पर अपने परिवार के साथ पश्चिमी प्रांत कुर्दिस्तान से तेहरान की यात्रा पर थी, जब उसे महिलाओं के लिए ड्रेस कोड का उल्लंघन करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है जिसमें महिला प्रदर्शनकारी विरोध के दौरान अपने हिजाब उतार फेंके और डेथ टू डिक्टेटर के नारे लगाये. रिपोर्ट के अनुसार प्रदर्शनकारियों ने स्थानीय गवर्नर के ऑफिस तक मार्च किया. इसका एक वीडियो भी वायरल हो रहा है, जिसमें सुरक्षाबल प्रदर्शनकारियों पर गोली चला रहे हैं.  इसे भी पढ़ें : ब्रिटेन">https://lagatar.in/britains-queen-elizabeth-ii-cremated-in-royal-style-today/">ब्रिटेन

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अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल ने घटना की  जांच की मांग की

महसा की मौत के बाद से दुनियाभर में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गये हैं. अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल ने मांग की है कि इस घटना की विस्तृत जांच की जानी चाहिए. संस्था ने कहा है कि इसके लिए जिम्मेदार सभी पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई हो. खबर है कि अमिनी के होम टाउन सक्केज में भी लोग सड़कों पर उतरे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. महसा अमिनी के परिवार का आरोप है कि पुलिस ने उसे बुरी तरह प्रताड़ित किया, जिसकी वजह से वो गंभीर रूप से घायल हो गयी. और बाद में उसकी मौत हो गई. महसा अमिनी की मां ने पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाया है.

महिला पत्रकार मसीह अलीनेजाद ने ट्विटर पर विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें साझा की  

ईरान की एक महिला पत्रकार और कार्यकर्ता मसीह अलीनेजाद (Masih Alinejad) ने ट्विटर पर विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें साझा की हैं. उन्होंने इन तस्वीरों को साझा करते हुए लिखा है कि ईरान-साघेज की महिलाओं ने 22 साल की महसा अमिनी की हत्या के विरोध में अपने सिर से हिजाब हटा दिया है और नारा लगाया तानाशाह को मौत! ईरान में हिजाब हटाना एक दंडनीय अपराध है. हम दुनियाभर में महिलाओं और पुरुषों से एकजुटता दिखाने की अपील करते हैं.

ईरान में महिलाओं को लेकर नियम काफी सख्त हैं

जान लें कि कुछ समय पहले ईरान के कट्टर राष्ट्रपति इब्राहिम रायसी ने हर समय हिजाब पहनने सहित महिलाओं के लिए ड्रेस कोड को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया था. यह पहली बार नहीं है जब हिजाब को लेकर महिलाओं ने खुलकर विरोध किया हो. साल 2014 में तेहरान के इंकलाब स्ट्रीट पर महिलाओं ने अपने हिजाब हवा में फेंककर कठोर इस्लामिक कानूनों का विरोध किया था. ईरान में महिलाओं को लेकर नियम काफी सख्त हैं. [wpse_comments_template]

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