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पुनीत से जमीन लेने के बाद विष्णु अग्रवाल के नाम हुआ म्यूटेशन, आपत्ति पर CO बोले, फोन ना करें, गलत लग रहा तो आगे बढ़िए

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Ranchi : प्रेम प्रकाश के करीबी पुनीत भार्गव(Puneet Bhargava) ने जिस जमीन की रजिस्ट्री विष्णु अग्रवाल( Vishnu Agarwal) के नाम की है उसका म्यूटेशन भी हो गया. गाड़ी मौजा स्थित भूखंड का म्यूटेशन बड़गाईं अंचल कार्यालय से हुआ है. म्यूटेशन के बाद अब पंजी 2 में विष्णु अग्रवाल का नाम दर्ज दिखाया जा रहा है. लेकिन इन सब के बीच सोशल मीडिया पर एक ऑडियो वायरल (Audio viral) हो रहा है. जिसमें खतियानी मालिक होने का दावा करने वाले उमेश गोप और बड़गाईं सीओ मनोज कुमार(Manoj Kumar ) की बातचीत का अंश हैं. पढ़ें - सीबीआई">https://lagatar.in/cbi-could-not-prove-that-there-was-corruption-in-awarding-tender-cbi-court-acquitted-the-then-gm-of-fci/">सीबीआई

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नकल लीजिये और आगे बढिये- सीओ

ऑडियो में उमेश गोप बड़गाईं सीओ से यह पूछ रहे हैं कि उनकी आपत्ति के बावजूद विवादित भूमि का म्यूटेशन विष्णु अग्रवाल के नाम पर क्यों किया गया. जिसके जवाब में सीओ मनोज कुमार ये कहते सुनाई दे रहे हैं कि बार-बार फोन मत कीजिये, अगर आपको गलत लग रहा है तो आगे बढिये. इतना ही नहीं बड़गाईं सीओ ने आपत्ति करने वाले व्यक्ति से ये भी कहा कि म्यूटेशन का टाइटल सूट से कोई मतलब नहीं है, नकल लीजिये और आगे बढ़िए. इसे भी पढ़ें - चुनावी">https://lagatar.in/election-strategist-prashant-kishor-started-jan-suraj-yatra-said-blue-print-of-next-15-years-is-ready/">चुनावी

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इस जमीन के तीन दावेदार आये है सामने

बता दें कि रांची के चेशायर होम रोड स्थित जिस 60 कठा भूखंड की डील पुनीत भार्गव ने की है. उसके तीन दावेदार अब तक सामने आ चुके हैं. पहला दावेदार हैं उमेश गोप जो खुद को असली मालिक बता रहे हैं. उन्होंने लगातार. इन को उक्त भूखंड से जुड़े कई दस्तावेज दिए हैं. यहां तक की खतियान में भी उमेश गोप के पूर्वजों का ही नाम दर्ज है. दूसरे दावेदार हैं लखन सिंह जिनके पिता हैं काली राम सिंह, इनके नाम से हुई रजिस्ट्री के दस्तावेज भी लगातार के पास मौजूद हैं. जानकारी के मुताबिक लखन सिंह के नाम से बने दस्तावेज कलकत्ता के रिकॉर्ड रूम में मौजूद है जो कि संदेहास्पद है. तीसरा दावेदार हैं राजेश राय जिनके पिता हैं जगदीश राय, पुनीत भार्गव को इनके द्वारा ही जमीन की रजिस्ट्री की गई है. पुनीत भार्गव ने जमीन को खरीदने के बाद विष्णु अग्रवाल ने नाम रजिस्ट्री कर दी . इसे भी पढ़ें - BIG">https://lagatar.in/genome-sequencing-machine-became-a-problem-for-the-health-department-5-crore-33-lakh-machine-was-purchased-without-tender/">BIG

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