Lagatar Desk : अर्थव्यवस्था के मोर्चे पर अच्छी खबर आई है. वर्ल्ड बैंक के बाद अब अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) ने भी भारत की जीडीपी ग्रोथ अनुमान बढ़ा दिया है. आईएमएफ की नई रिपोर्ट के अनुसार, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए भारत की जीडीपी ग्रोथ का अनुमान 6.4 प्रतिशत से बढ़ाकर 7 प्रतिशत कर दिया गया है. वहीं साल 2027 में भी भारत की आर्थिक विकास दर 7 प्रतिशत रहने का अनुमान है.
IMF Growth Forecast 2026: 🇺🇸 US: 2.3% 🇩🇪 Germany: 1.3% 🇫🇷 France: 0.4% 🇮🇹 Italy: 0.8% 🇪🇸 Spain: 2.5% 🇬🇧 UK: 1.3% 🇯🇵 Japan:0.7% 🇨🇦 Canada: 1.1% 🇨🇳 China:4.5% 🇮🇳 India: 7.0% 🇷🇺 Russia:0.9% 🇧🇷 Brazil: 2.2% 🇲🇽 Mexico: 1.5% 🇸🇦 Saudi Arabia: -3.3% 🇳🇬 Nigeria: 4.2% 🇿🇦 South Africa: 1.0% https://t.co/yoil3EB47M
— IMF (@IMFNews) October 13, 2026
2026 में ग्लोबल इकोनॉमी की ग्रोथ 3.1% रहने का अनुमान
IMF के अनुसार, दुनिया की अर्थव्यवस्था में वृद्धि जारी है. लेकिन इसकी रफ्तार पर दबाव बढ़ रहा है और अलग-अलग देशों में विकास की स्थिति एक जैसी नहीं है. रिपोर्ट के अनुसार, चीन की आर्थिक विकास दर 2026 में 4.5 प्रतिशत और 2027 में 4 प्रतिशत रह सकती है.
वहीं वैश्विक अर्थव्यवस्था की विकास दर 2026 में 3.1 प्रतिशत और 2027 में 3.4 प्रतिशत रहने की उम्मीद है. जबकि वैश्विक महंगाई दर 4.7 प्रतिशत तक पहुंचने की आशंका है. इसकी प्रमुख वजह ऊर्जा और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतें बताई गई हैं.
ऐसे में भारत की अनुमानित विकास दर वैश्विक औसत से काफी अधिक है. हालांकि महंगे ईंधन, खाद्य वस्तुओं की कीमतों और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक अनिश्चितता का असर आने वाले समय में अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है.
घरेलू बाजार बना अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत
IMF की रिपोर्ट के अनुसार, ग्रोथ रेट बढ़ाने का प्रमुख कारण भारत की मजबूत घरेलू मांग और सेवा क्षेत्र के बेहतर प्रदर्शन है. भारत में लोगों की खरीदारी और खर्च करने की क्षमता अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही है. बाजार में मांग बढ़ने से कारोबार को फायदा मिल रहा है.
इसके साथ ही सेवा क्षेत्र भी आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभा रहा है. घरेलू बाजार की मजबूती से भारत को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों और दूसरी आर्थिक चुनौतियों का सामना करने में मदद मिल रही है.