Ranchi: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी को लेकर छात्रों का आंदोलन पिछले 21 दिनों से जारी है. बुधवार को आंदोलनकारी छात्रों ने JSSC सचिव सुधीर गुप्ता समेत पांच लोगों का पुतला दहन कर विरोध जताया. आंदोलन में राज्य के सभी 24 जिलों से छात्र पहुंचे हैं.
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रिफॉर्म मंच से जुड़े कई छात्र पिछले 11 दिनों से भूख हड़ताल पर हैं. लंबे समय से जारी अनशन के कारण कई छात्रों की तबीयत बिगड़ चुकी है और अब तक तीन छात्रों को अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा है.
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प्रदर्शनकारी छात्रों का आरोप है कि सरकार उनकी मांगों को लेकर गंभीर नहीं है और आंदोलन के बावजूद उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा है.
छात्रों की प्रमुख मांगें JSSC CGL परीक्षा को रद्द करना और JPSC परीक्षाओं में कथित धांधली की CBI जांच कराना है. प्रदर्शनकारी परीक्षाओं में अनियमितता और सीटों की कथित खरीद-फरोख्त के आरोप लगा रहे हैं.
छात्रों का कहना है कि निष्पक्ष जांच के जरिए ही परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित हो सकती है. प्रदर्शन स्थल पर छात्रों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से सवाल करते हुए CBI जांच की मांग को प्रमुखता से उठाया है.
छात्रों ने कहा कि वे अपने आंदोलन से पीछे हटने वाले नहीं हैं. उनका दावा है कि वे बिरसा मुंडा और सिदो-कान्हू जैसे महान स्वतंत्रता सेनानियों की विचारधारा से प्रेरणा लेकर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं.
15 अगस्त को छात्रों ने बड़े स्तर पर तिरंगा मार्च निकालने की घोषणा की है. मुख्यमंत्री के झंडोत्तोलन कार्यक्रम के बाद प्रस्तावित यह मार्च अल्बर्ट चौक तक जाएगा. छात्रों के अनुसार, मार्च में करीब 5,000 विद्यार्थियों के शामिल होने की संभावना है.
प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा. छात्रों ने आने वाले दिनों में मुख्यमंत्री आवास के घेराव की भी चेतावनी दी है.
आंदोलनकारियों का कहना है कि JPSC और JSSC परीक्षाओं में पारदर्शिता तथा निष्पक्ष जांच की मांग पूरी होने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा.
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