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Bihar: कृषि मंत्री विजय सिन्हा के सख्त निर्देश, ड्रोन छिड़काव की होगी वैज्ञानिक जांच और वीडियो सत्यापन

बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कृषि भवन में पौधा संरक्षण संभाग और मिट्टी जांच प्रयोगशाला की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की.
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Patna:  बिहार के कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने कृषि भवन में पौधा संरक्षण संभाग और मिट्टी जांच प्रयोगशाला की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की. बैठक में कीट प्रबंधन, मृदा स्वास्थ्य और आधुनिक ड्रोन आधारित छिड़काव जैसी प्रमुख योजनाओं की प्रगति को परखा गया.

 

कृषि मंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए अधिकारियों को निर्देश दिया कि कृषि योजनाओं में केवल कागजी खानापूर्ति से काम नहीं चलेगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी योजनाओं के क्रियान्वयन में पूरी पारदर्शिता होनी चाहिए और जमीनी स्तर पर इसके ठोस परिणाम दिखाई देने चाहिए, ताकि किसानों को इसका वास्तविक लाभ मिल सके.

 

बैठक के दौरान कृषि मंत्री ने आधुनिक खेती में ड्रोन आधारित छिड़काव की आवश्यकता पर बल दिया, लेकिन साथ ही इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए कड़े निर्देश भी जारी किए.

ड्रोन से किए जाने वाले कीटनाशी और तरल उर्वरक छिड़काव का पौधों और कीटों पर क्या प्रभाव पड़ रहा है, इसके वैज्ञानिक अध्ययन के लिए विशेषज्ञों की एक टीम गठित की जाएगी. 


योजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए ड्रोन छिड़काव के बाद संबंधित किसानों का वीडियो रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, ताकि यह सत्यापित हो सके कि निर्धारित क्षेत्र में वास्तविक रूप से छिड़काव हुआ है.

 

 कीटनाशक दुकानों की होगी ग्रेडिंग

किसानों को नकली या कम गुणवत्ता वाली दवाओं से बचाने के लिए कृषि मंत्री ने एक नया कदम उठाने का निर्देश दिया है. अब राज्य में कीटनाशक दवा विक्रेताओं की दुकानों की ग्रेडिंग व्यवस्था विकसित की जाएगी. दुकानों का मूल्यांकन उनकी गुणवत्ता, बिक्री और किसानों को दी जा रही सेवाओं के आधार पर होगा, जिससे किसानों को केवल प्रामाणिक उत्पाद ही मिलें.

पौधा संरक्षण और मृदा स्वास्थ्य पर करोड़ों का खर्च

समीक्षा बैठक में वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान कृषि योजनाओं पर हुए खर्च का ब्योरा भी सामने रखा गया. जिसमें बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में पौधा संरक्षण से संबंधित विभिन्न योजनाओं पर कुल 1,982.60 लाख रुपये व्यय किए गए हैं. इनमें ड्रोन से फसलों पर कीटनाशी एवं तरल उर्वरक छिड़काव योजना,बगीचों एवं फसलों में कीट प्रबंधन योजना,उपादान वितरण योजना,पौधा संरक्षण परामर्श योजना,पौधा संरक्षण परामर्श एवं उपादान योजना तथा पीपीपी मोड में ड्रोन द्वारा कीटनाशी एवं तरल उर्वरक के एरियल स्प्रे की योजना शामिल हैं.

 

मंत्री ने बताया कि राज्य योजना अंतर्गत मिट्टी जांच,बीज विश्लेषण एवं गुण नियंत्रण प्रयोगशालाओं के संचालन एवं सुदृढ़ीकरण की योजना के तहत वर्ष 2025-26 में 774.21 लाख रुपये व्यय किए गए हैं. वहीं केंद्र प्रायोजित राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अंतर्गत मृदा स्वास्थ्य एवं उर्वरता योजना पर 5,062.84 लाख रुपये व्यय किए गए हैं.


कृषि मंत्री स्वयं करेंगे जमीनी निरीक्षण

मृदा स्वास्थ्य को कृषि उत्पादन की आधारशिला बताते हुए विजय सिन्हा ने कहा कि वे जल्द ही स्वयं गांवों का दौरा करेंगे. इस दौरान वे मिट्टी जांच की प्रक्रिया, प्रयोगशालाओं की कार्यप्रणाली और किसानों को मिल रहे वास्तविक लाभों का प्रत्यक्ष (ऑन-ग्राउंड) निरीक्षण करेंगे. उन्होंने अधिकारियों को पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करने की हिदायत दी ताकि राज्य में कृषि उत्पादन और उत्पादकता को बढ़ाया जा सके.

 

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