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झारखंड में AI से बदलेगी स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर, AI Assistant व AI Family Doctor बनाने की तैयारी

Ranchi News:बैठक में NHM के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, संयुक्त सचिव दिनेश कुमार यादव, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला, उप सचिव ध्रुव प्रसाद समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे. बैठक में दोनों AI प्लेटफॉर्म के विकास को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दोनों के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने का निर्देश दिया.
 
मीटिंग फोटो

Ranchi News: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़ने की तैयारी शुरू हो गई है. स्वास्थ्य विभाग अब AI Assistant और AI Family Doctor विकसित करने की योजना पर काम कर रहा है. इसे लेकर बुधवार को स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई.

 

बैठक में NHM के अभियान निदेशक शशि प्रकाश झा, संयुक्त सचिव दिनेश कुमार यादव, संयुक्त सचिव ललित मोहन शुक्ला, उप सचिव ध्रुव प्रसाद समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे.

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बैठक में दोनों AI प्लेटफॉर्म के विकास को लेकर विस्तार से चर्चा हुई. अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दोनों के लिए विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन (DPR) तैयार करने का निर्देश दिया.

 

AI Assistant से स्वास्थ्य कर्मियों को मिलेगी काम की जानकारी

प्रस्तावित AI Assistant स्वास्थ्य विभाग में काम करने वाले डॉक्टरों और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के डिजिटल सहायक के रूप में काम करेगा. यह उन्हें उनके रोज के काम की जानकारी, रिमाइंडर और जरूरी अलर्ट देगा.

 

AI Assistant के जरिए स्वास्थ्य कर्मियों को यह जानकारी मिल सकेगी कि उन्हें कब, कहां और किसके साथ कौन-सा काम करना है. साथ ही काम के लिए कितने लोगों की जरूरत होगी और कौन-कौन से संसाधन उपलब्ध रखने हैं, इसकी जानकारी भी मिल सकेगी.

 

उदाहरण के तौर पर किसी सहिया को AI Assistant यह बता सकेगा कि उसे किस जगह और किस समय टीकाकरण करना है. साथ ही कितने बच्चों का टीकाकरण होना है और इसके लिए क्या तैयारी करनी होगी, इसकी जानकारी भी दी जा सकेगी.

 

AI Family Doctor से आम लोगों को मिलेगी स्वास्थ्य संबंधी जानकारी

बैठक में AI Family Doctor विकसित करने पर भी चर्चा हुई. यह आम लोगों के लिए डिजिटल स्वास्थ्य सहायक के रूप में काम करेगा. व्यक्ति अपनी स्वास्थ्य समस्या के बारे में इसमें जानकारी दे सकेगा. इसके आधार पर AI संभावित बीमारी और जरूरी चिकित्सकीय सलाह से जुड़ी जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करेगा.

 

हालांकि AI से मिली किसी दवा की सलाह को डॉक्टर की मंजूरी के बिना वैध चिकित्सकीय सलाह नहीं माना जाएगा. किसी पंजीकृत मेडिकल प्रैक्टिशनर की मंजूरी के बाद ही दवा संबंधी सलाह को मान्य माना जाएगा. इसका उद्देश्य AI की सुविधा के साथ मरीजों की सुरक्षा भी सुनिश्चित करना है.

 

पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर हो सकता है शुरू

स्वास्थ्य विभाग की योजना के अनुसार AI Family Doctor को शुरुआती दौर में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में शुरू किया जा सकता है. इसके परिणामों का आकलन किया जाएगा. अगर पायलट प्रोजेक्ट सफल रहा तो इसे पूरे राज्य में लागू करने पर विचार किया जाएगा.

 

अपर मुख्य सचिव ने अधिकारियों को दोनों AI प्लेटफॉर्म के लिए DPR तैयार कर आगे की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया. इस पहल का उद्देश्य स्वास्थ्य कर्मियों के काम को आसान और व्यवस्थित करना और आम लोगों को स्वास्थ्य संबंधी जानकारी उपलब्ध कराने में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाना है.

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