Ranchi: ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पुलिस कार्रवाई की निंदा की. सरकार व झारखंड पुलिस से माफी मांगने की मांग की.
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आइसा ने कहा कि सरकार के साथ हुई वार्ता में आइसा समेत अन्य छात्र संगठनों के प्रतिनिधिमंडल के सामने 14वीं जेपीएससी परीक्षा और बैकलॉग नियुक्तियों को रद्द करने पर सहमति बनी थी. हालांकि, छात्रों की प्रमुख मांगों में शामिल JSSC-CGL परीक्षा को रद्द करने की मांग को सरकार ने स्वीकार नहीं किया. इसके बाद विभिन्न छात्र मंचों की ओर से विधानसभा घेराव का आह्वान किया गया.
आइसा की राज्य अध्यक्ष विभा पुष्पा दीप ने कहा, “शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा घेराव कर रहे छात्रों पर पुलिसिया कार्रवाई दुर्भाग्यपूर्ण है. सरकार JPSC और JSSC-CGL जैसी महत्वपूर्ण परीक्षाओं को पेपर लीक, धांधली और भ्रष्टाचार से मुक्त तरीके से आयोजित कराने में विफल रही है. जब छात्र-नौजवान इन अनियमितताओं के विरोध में सड़कों पर उतरे तो उन्हें रोकने के लिए बैरिकेडिंग, भारी पुलिस बल, आंसू गैस और लाठीचार्ज का सहारा लिया गया.”
आइसा के रांची जिला अध्यक्ष विजय कुमार ने भाजपा-आरएसएस पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा-आरएसएस शुरू से ही छात्रों के आंदोलन की दिशा को भटकाने और उसे राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करने की कोशिश कर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा बंगाल और बिहार जैसे भाजपा-शासित राज्यों से असामाजिक तत्वों को बुलाकर हिंसा भड़काने और आंदोलन को दिग्भ्रमित करने का प्रयास कर रही थी.
आइसा ने बताया कि विधानसभा घेराव के दौरान उसके नेता विजय, सत्यप्रकाश, प्रतिभा, सलोनी समेत दर्जनों छात्र-छात्राएं घायल हुए हैं. संगठन ने स्पष्ट किया कि JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने की मांग को लेकर उसका आंदोलन आगे भी जारी रहेगा.
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