Ranchi : नीट पेपर लीक मामले को लेकर शुक्रवार को अल्बर्ट एक्का चौक पर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) के नेतृत्व में छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की.
छात्रों का कहना है कि नीट पेपर लीक मामले में अब तक जवाबदेही तय नहीं की गई है. उनका कहना था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटना पर कार्रवाई का भरोसा तो दिया, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे के मुद्दे पर कोई स्पष्ट टिप्पणी नहीं की. प्रदर्शनकारियों ने इसे लेकर केंद्र सरकार की कार्यशैली पर सवाल उठाए.
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री को राजनीतिक कारणों से बचाया जा रहा है. हालांकि, इन आरोपों के समर्थन में कोई आधिकारिक प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया. प्रदर्शन के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज का भी विरोध किया गया. महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित दुर्व्यवहार को लेकर छात्रों ने सरकार की आलोचना की और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की.
प्रदर्शन में शामिल छात्रों ने झारखंड सरकार पर भी निशाना साधते हुए कहा कि राज्य में छात्रवृत्ति वितरण में देरी, शैक्षणिक सत्रों की अनियमितता और शिक्षा संस्थानों की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा है.
आइसा ने घोषणा की कि 26 जुलाई को झारखंड में एक बड़ा छात्र प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा. संगठन का कहना है कि यदि छात्रों की मांगों पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा.
प्रदर्शन के दौरान कुछ वक्ताओं ने नीट परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं का उल्लेख करते हुए सरकार से जवाबदेही तय करने और छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य व परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाने की मांग की.
छात्रों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा. वहीं, केंद्र सरकार या शिक्षा मंत्रालय की ओर से इस प्रदर्शन और लगाए गए आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई.
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