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छात्रवृत्ति भुगतान की मांग पर AISA का विधानसभा मार्च, पुलिस रोकने में नाकाम

राज्य में लंबित छात्रवृत्ति भुगतान और अनिवार्य किए गए परमानेंट एजुकेशन नंबर (P.E.N.) को रद्द करने की मांग को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने आज बिरसा चौक से झारखंड विधानसभा तक एक बड़े पैमाने पर पैदल मार्च का आयोजन किया.
 

Ranchi : राज्य में लंबित छात्रवृत्ति भुगतान और अनिवार्य किए गए परमानेंट एजुकेशन नंबर (P.E.N.) को रद्द करने की मांग को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने आज बिरसा चौक से झारखंड विधानसभा तक एक बड़े पैमाने पर पैदल मार्च का आयोजन किया. 

 

इस आंदोलन में रांची सहित हजारीबाग, बोकारो, धनबाद, गुमला, लोहरदगा और साहिबगंज जैसे जिलों से आए बड़ी संख्या में छात्र शामिल हुए, जिससे राजधानी में दिनभर माहौल गर्म रहा.

 

“छात्रवृत्ति हमारा अधिकार, न कि एहसान” — आंदोलनकारियों के नारे

मार्च के दौरान छात्रों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि—

* कई महीनों से छात्रवृत्ति का भुगतान लंबित है, जिसके कारण आर्थिक रूप से कमजोर छात्र पढ़ाई जारी रखने में कठिनाई महसूस कर रहे हैं.

* बिना किसी उचित आधार के P.E.N. को अनिवार्य किया गया है.

छात्रों ने आरोप लगाया कि सरकार ने बार-बार आश्वासन दिए, लेकिन वास्तविक कार्रवाई नहीं हुई.


मार्च को रोकने के लिए पुलिस प्रशासन पहले से तैनात था. बिरसा चौक से ही पुलिस ने छात्रों को रोकने की कोशिश की. पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए वैन मंगाईं और लगभग दर्जनभर छात्रों को वैन में बैठाया भी गया. छात्रों और पुलिस के बीच काफी खींचा तानी हुई जिसमें कई छात्रों को चोट भी लगी.

 

हालांकि, छात्रों ने “शांतिपूर्ण मार्च को रोकने का प्रयास” बताते हुए विरोध तेज कर दिया और बैरिकेड को पार करते हुए विधानसभा की ओर बढ़ते रहे. पुलिस के प्रयासों के बावजूद छात्र बड़ी संख्या में विधानसभा पहुंचने में सफल रहे.

 

मार्च के दौरान आइसा के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम संबंधित अधिकारियों को एक चार-सूत्री मांग-पत्र भी सौंपा, जिसमें प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं—

1. सभी कोर्सों के छात्रों की लंबित छात्रवृत्तियों का तत्काल भुगतान और भविष्य में कोई बाधा न आए, इसकी गारंटी की जाएं.

2. छात्रवृत्ति प्रक्रिया में आने वाली तकनीकी त्रुटियों और कार्यालयों के चक्कर से स्थायी मुक्ति, साथ ही पर्याप्त अधिकारियों और कर्मचारियों की नियुक्ति की जाएं.

3. मैट्रिक और इंटर परीक्षा शुल्क में की गई वृद्धि को अविलंब वापस लेना.

4. PEN (परमानेंट एजुकेशन नंबर) की अनिवार्यता तुरंत समाप्त करना.

 

अधिकारी ने छात्रों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगें संबंधित विभाग तक पहुंचाई जाएंगी और इस पर गंभीरता से विचार किया जाएगा. प्रदर्शन के अंत में AISA नेताओं ने कहा कि यदि सरकार ने जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया, तो जनवरी में राज्यभर में बड़े पैमाने पर संघर्ष होगा.

 

आइसा झारखंड राज्य कमिटी ने कहा कि शिक्षा को सुगम, सुलभ और समान अवसरों वाला बनाना सरकार की प्राथमिक जिम्मेदारी है. यदि सरकार छात्रों की इन अत्यंत महत्वपूर्ण समस्याओं पर तत्काल कार्रवाई नहीं करती है, तो विद्यार्थियों के साथ मिलकर आंदोलन को पूरे राज्य में और तेज किया जाएगा.

 

विधानसभा मार्च के दौरान मौके पर आइसा झारखंड राज्य अध्यक्ष विभा पुष्पा दीप, राज्य सचिव त्रिलोकीनाथ, आइसा राज्य पदाधिकारी संजना मेहता, विजय कुमार, स्नेहा महतो, रितेश मिश्रा, जयजीत मुखर्जी, रंजीत सिंह चेरो, राहुल राज मंडल, अमन पांडे, गुड्डू भुइंया, गौतम दांगी, नागेन्द्र राम, आशीष, जुली उरांव, रेशमी मुंडा, अनुराग राॅय, शामली, सावित्री मुंडा, आशीष प्रजापति, प्रवीण मेहता, रूपेश आदि आइसा एक्टिविस्ट उपस्थित थे।

 

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