Search

अजीत डोभाल ने युवाओं से कहा, हमें अपने इतिहास का बदला लेना है, ताकि महान भारत का निर्माण कर सकें

New Delhi :  स्वतंत्र भारत हमेशा उतना स्वतंत्र नहीं था, जितना अब दिखता है. हमारे पूर्वजों ने इसके लिए महान बलिदान दिये. उन्होंने बहुत अपमान सहा और गहरी असहायता के दौर का अनुभव किया. एनएसए अजीत डोभाल  दिल्ली में आयोजित  विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के उद्घाटन समारोह में बोल रहे थे.

     #WATCH | Delhi: Speaking at the opening ceremony of Viksit Bharat Young Leaders Dialogue, NSA Ajit Doval says, "...This independent India wasn't always as free as it appears now. Our ancestors made great sacrifices for it. They endured great humiliation and experienced periods of… pic.twitter.com/1RGfOwZwqy

उन्होंने कहा कि भारत को आजादी बहुत मुश्किल से मिली है। स्वतंत्रता आंदोलन में कई लोगों को फांसी दे दी गयी. कई गांव जला दिये गये. हमारी सभ्यता नष्ट हो गयी. हमारे मंदिरों को लूट लिया गया और हम असहाय थे. मूक दर्शक बनकर देखते रहे. एनएसए ने कहा, इतिहास हमें सिखलाता है बदला शब्द आदर्श नहीं है. लेकिन बदला अपने आप में एक शक्तिशाली शक्ति है.

 

हमें अपने इतिहास का बदला लेना है. हमें इस देश को वापस वहां ले जाना है जहां हम अपने अधिकारों, अपने विचारों और अपनी मान्यताओं के आधार पर एक महान भारत का निर्माण कर सकें.  उन्होंने कहा,  हमारे पास एक अत्यधिक विकसित सभ्यता थी. लेकिन हमने किसी के धर्मस्थल नहीं तोड़े. हमने कहीं जाकर लूटपाट नहीं की.

 

जब विश्व बहुत पिछड़ा हुआ था, तब भी हमने किसी देश या विदेशी लोगों पर आक्रमण नहीं किया. अजीत डोभाल ने कहा, लेकिन हम अपनी सुरक्षा और स्वयं के लिए खतरों को समझने में विफल रहे. इतिहास ने हमें तब सबक सिखाया, जब हम उनके प्रति उदासीन रहे.

 


उन्होंने पूछा कि क्या हमने वह सबक सीखा? क्या हमें वह पाठ याद रहेगा? अगर आने वाली पीढ़ियां उस सबक को भूल जायेंगी तो यह इस देश के लिए सबसे बड़ी त्रासदी होगी.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें 

 

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp