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JPSC-JSSC कथित घोटाला: आजसू पार्टी ने की सरकार से CBI जांच व परीक्षाएं रद्द करने की मांग

झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव डॉ. लंबोदर महतो, संजय मेहता और देव भगत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए.
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Ranchi: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है. आजसू पार्टी के केंद्रीय महासचिव डॉ. लंबोदर महतो, संजय मेहता और देव भगत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए. नेताओं ने कथित नियुक्ति घोटाले की जांच CBI और ED से कराने तथा वर्तमान सरकार के कार्यकाल में आयोजित JPSC-JSSC की परीक्षाओं को रद्द करने की मांग की.

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नेताओं ने आरोप लगाया कि 11वीं से 13वीं JPSC, JSSC CGL, PGT, असिस्टेंट पब्लिक प्रोसिक्यूटर और FRO समेत कई परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं. उनके अनुसार, पूरे मामले में करीब 500 से 700 करोड़ रुपये के लेनदेन की आशंका है. नेताओं ने दावा किया कि हाल में 5 करोड़ 80 लाख रुपये की कथित डीलिंग से जुड़े तथ्य और साक्ष्य भी सामने आए हैं.

 

प्रेस कॉन्फ्रेंस में आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के अलावा कुछ बड़े IAS अधिकारियों और कोचिंग संस्थानों की कथित भूमिका पर भी सवाल उठाए गए. नेताओं ने Webwell और PDPL जैसी एजेंसियों की चयन और नियुक्ति प्रक्रिया में भी भ्रष्टाचार का आरोप लगाया. उन्होंने अभय तिवारी के कथित स्वीकारोक्ति बयान का हवाला देते हुए 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा में 20 से अधिक अभ्यर्थियों की कथित ‘सेटिंग’ का दावा किया.

 


नेताओं ने JPSC-JSSC अभ्यर्थियों के आंदोलन के दौरान पुलिस कार्रवाई की भी कड़ी आलोचना की. उन्होंने कहा कि 10 अगस्त को विधानसभा घेराव के दौरान छात्रों पर आंसू गैस, पानी की बौछार और लाठीचार्ज किया गया. आरोप लगाया गया कि अंधेरा होने के बाद लाइट बंद कर छात्रों पर कार्रवाई की गई, जिसमें कई छात्र घायल हुए.

 

आजसू पार्टी के नेताओं ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांग रखने वाले छात्रों के आंदोलन को पुलिस बल के जरिए दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

 

मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के उस तर्क पर भी नेताओं ने सवाल उठाया, जिसमें नियुक्तियां हो जाने के कारण जांच पूरी होने से पहले JSSC CGL परीक्षा रद्द नहीं करने की बात कही गई थी. संजय मेहता ने ‘अमृत यादव बनाम झारखंड सरकार’ मामले का हवाला देते हुए कहा कि सरकार के पास परीक्षा रद्द करने का कानूनी आधार मौजूद है.

 

नेताओं ने CID जांच पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि CID राज्य सरकार के अधीन है. उनका कहना था कि कथित अनियमितताओं के तार कई राज्यों से जुड़े होने के कारण निष्पक्ष जांच के लिए CBI जांच जरूरी है.

 

आजसू पार्टी ने मांग की कि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में JPSC और JSSC द्वारा आयोजित परीक्षाओं की स्वतंत्र जांच कराई जाए, दोषी अधिकारियों और आयोग से जुड़े जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई हो तथा कथित वित्तीय लेनदेन की ED से जांच कराई जाए.

 

आजसू पार्टी के केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने कहा है कि यह छात्रों और नौजवानों का आंदोलन है. पार्टी छात्रों के साथ खड़ी है और उनकी मांगों को लेकर आंदोलन में समर्थन जारी रखेगी.

 

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