Ranchi News: आजसू पार्टी के केंद्रीय कार्यालय, हरमू में केंद्रीय अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो की अध्यक्षता में पार्टी के प्रमंडलीय प्रभारियों, जिला अध्यक्षों, जिला संयोजकों, विधानसभा स्तर पर नियुक्त BLA-1 पदाधिकारियों और प्रदेश स्तरीय युवा संयोजक मंडली की महत्वपूर्ण बैठक हुई. बैठक में संगठन के विस्तार एवं पुनर्गठन के साथ प्रखंड, पंचायत और बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की रणनीति पर चर्चा की गई.
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बैठक में तय किया गया कि सुदेश कुमार महतो विधानसभा वार सभी प्रखंडों में ‘जन की बात’ और ‘युवाओं से संवाद’ कार्यक्रम करेंगे. इन कार्यक्रमों के दौरान वे सीधे जनता और युवाओं से संवाद करेंगे. संवाद का मुख्य विषय ‘कल, आज और कल का झारखंड’ होगा. रोजगार, शिक्षा, पलायन, कृषि, उद्योग और युवाओं के अवसर सहित झारखंड के वर्तमान और भविष्य से जुड़े मुद्दों पर लोगों के सुझाव लिए जाएंगे.
पार्टी ने निर्णय लिया कि 1 सितंबर 2026 से सभी प्रमंडलीय प्रभारी अपने-अपने क्षेत्रों का नियमित दौरा करेंगे. इस दौरान संगठन की समीक्षा के साथ कार्यकर्ताओं, युवाओं, स्थानीय प्रमुख लोगों और आम जनता से संवाद किया जाएगा. प्रखंड, पंचायत और बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत करने के लिए आवश्यकता के अनुसार पुनर्गठन भी किया जाएगा. महिलाओं और युवाओं समेत समाज के सभी वर्गों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा.
बैठक में JPSC-JSSC के मुद्दे को लेकर आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं पर झारखंड मुक्ति मोर्चा के पट्टे और झंडे लिए लोगों द्वारा किए गए कथित हमलों की कड़ी निंदा की गई. पार्टी ने गिरिडीह, रामगढ़, हजारीबाग, रांची और गढ़वा में सामने आई घटनाओं को लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बताया.
आजसू ने विशेष रूप से 21 अगस्त को रांची में एक छात्रा के हाथ से पुतला छीने जाने और उसके साथ कथित मारपीट का मामला उठाया. पार्टी ने सवाल किया कि छात्रा की ओर से आठ नामजद लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराए जाने के बावजूद आरोपियों पर कार्रवाई क्यों नहीं हुई.
पार्टी ने कहा कि छात्रों का आंदोलन सरकार की कथित अनियमितताओं और घोटालों के खिलाफ है, किसी राजनीतिक दल के खिलाफ नहीं. शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हमला करने का अधिकार किसी राजनीतिक दल या उसके समर्थकों को नहीं है.
आजसू ने कहा कि आंदोलनरत छात्रों को सुरक्षा देना राज्य सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है. पार्टी ने पुलिस की मौजूदगी में छात्राओं के साथ बदसलूकी की स्थिति में संबंधित पुलिस पदाधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की.
आजसू पार्टी ने कहा, “दल और सरकार एक नहीं होते. सरकार संविधान से चलती है, दल के झंडे से नहीं.” पार्टी के अनुसार लोकतंत्र में विरोध की आवाज दबाने के बजाय सरकार को छात्रों के सवालों और मांगों का जवाब देना चाहिए.
छात्रों पर कथित हमले और लोकतांत्रिक अधिकारों के दमन के विरोध में आजसू पार्टी ने सभी जिला मुख्यालयों पर सरकार का पुतला दहन करने का निर्णय लिया है. सभी जिला अध्यक्ष संबंधित उपायुक्तों को ज्ञापन देकर शांतिपूर्ण पुतला दहन के लिए स्थान और समय निर्धारित करने का आग्रह करेंगे. पार्टी ने कहा कि कार्यक्रम पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से आयोजित किया जाएगा.
बैठक में MMDR Amendment Act, 2026 को लेकर भी चर्चा हुई. आजसू का कहना है कि अधिनियम की धारा 9D के तहत राज्य को मिलने वाले राजस्व का समुचित लाभ झारखंड को मिलना चाहिए. पार्टी ने यह भी कहा कि खनन से प्राप्त राजस्व का उपयोग खनन प्रभावित और संबंधित क्षेत्रों के विकास में किया जाना चाहिए.
आजसू ने आरोप लगाया कि इस मुद्दे पर झारखंड मुक्ति मोर्चा जनता के बीच भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहा है. पार्टी का कहना है कि झारखंड की खनिज संपदा से मिलने वाले राजस्व का लाभ राज्य की जनता को मिलना चाहिए और इसका इस्तेमाल शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, पेयजल, रोजगार तथा खनन प्रभावित क्षेत्रों के विकास में किया जाना चाहिए.
बैठक के अंत में पार्टी ने संगठन को मजबूत करने, कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जनता से सीधा संवाद बढ़ाने पर जोर दिया. ‘जन की बात’, ‘युवाओं से संवाद’ और ‘कल, आज और कल का झारखंड’ जैसे कार्यक्रमों के जरिए आजसू झारखंडी जनमानस और युवाओं से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक विमर्श के केंद्र में लाने की तैयारी में है.
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