Ranchi: आजसू पार्टी अपने 41वें स्थापना दिवस के अवसर पर 21 जून को धनबाद में बड़े स्तर पर जनाक्रोश मार्च आयोजित करेगी. पार्टी ने इसे झारखंड में कथित भ्रष्टाचार और माफिया राज के खिलाफ आंदोलन की शुरुआत बताया है. कार्यक्रम में आजसू प्रमुख सुदेश महतो, सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी, विधायक निर्मल महतो सहित झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल के केंद्रीय नेता और हजारों कार्यकर्ताओं के शामिल होने की जानकारी दी गई है.
इस संबंध में पार्टी मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में झारखंड आंदोलनकारी एवं आजसू के केंद्रीय उपाध्यक्ष प्रवीण प्रभाकर और हसन अंसारी ने आयोजन की रूपरेखा साझा की. इस दौरान केंद्रीय मीडिया संयोजक परवाज खान भी उपस्थित रहे.
प्रवीण प्रभाकर ने कहा कि झारखंड राज्य आंदोलन और संघर्ष की लंबी प्रक्रिया का परिणाम है. उनके अनुसार, 1986 में आजसू के गठन के बाद झारखंड आंदोलन को नई दिशा मिली. उन्होंने दावा किया कि आजसू के आंदोलन, बंद और आर्थिक नाकेबंदी के कारण 1989 में केंद्र सरकार को पहली बार वार्ता के लिए आगे आना पड़ा. उन्होंने कहा कि इसके बाद झारखंड विषयक समिति का गठन हुआ और आगे चलकर राज्य निर्माण की प्रक्रिया मजबूत हुई.
वहीं, केंद्रीय उपाध्यक्ष हसन अंसारी ने कहा कि शहीद निर्मल महतो ने 1986 में आजसू की स्थापना की थी और पार्टी लंबे समय से झारखंड के मुद्दों पर संघर्ष करती रही है. उन्होंने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि वर्तमान सरकार विभिन्न मोर्चों पर विफल रही है और जनता में असंतोष बढ़ा है.
हसन अंसारी ने आरोप लगाया कि कोयलांचल क्षेत्र में अवैध खनन के विरोध में आवाज उठाने वाले आजसू नेताओं पर कार्रवाई की गई. उन्होंने कहा कि जनाक्रोश मार्च के माध्यम से पार्टी जनता के मुद्दों को उठाएगी और राज्य की मौजूदा व्यवस्था के खिलाफ आंदोलन को तेज करेगी.
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