Dhanbad: जिले के बापूनगर स्थित सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के छात्रावास में बच्चों के साथ कथित मारपीट, अभद्र व्यवहार और टॉयलेट साफ कराने के आरोपों को लेकर शनिवार को जमकर हंगामा हुआ. बड़ी संख्या में अभिभावक स्कूल पहुंचे और प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की. परिजनों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है.
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अभिभावकों का आरोप है कि छात्रावास में रहने वाले बच्चों को कथित तौर पर नियमित रूप से शारीरिक दंड दिया जाता है. बच्चों के साथ अपशब्दों का इस्तेमाल किया जाता है और उन्हें टॉयलेट साफ करने के लिए मजबूर किया जाता है. परिजनों का कहना है कि इस तरह के व्यवहार से बच्चों पर मानसिक रूप से भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है.
अभिभावकों ने छात्रावास की व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि एक कमरे में 16 से 18 बच्चों को रखा जाता है. इसी कमरे का इस्तेमाल पढ़ाई के लिए भी किया जाता है. इससे बच्चों को रहने और पढ़ाई दोनों में परेशानी होती है. बताया जा रहा है कि छात्रावास में 120 से अधिक छात्र रहते हैं.
परिजनों का कहना है कि बच्चों के साथ मारपीट की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं. इसके बावजूद स्कूल प्रबंधन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई. अभिभावकों ने आरोप लगाया कि उनकी शिकायतों को गंभीरता से नहीं लिया गया. शनिवार को बड़ी संख्या में अभिभावकों के स्कूल पहुंचने के बाद परिसर में काफी देर तक हंगामे की स्थिति बनी रही.
मामले में स्कूल के शिक्षक सीताराम कुमार ने संस्थान में कुछ कमियां होने की बात स्वीकार की है. हालांकि उन्होंने छात्रों के साथ अमानवीय व्यवहार के आरोपों से इनकार किया. शिक्षक के अनुसार, बार-बार अनुशासन तोड़ने वाले छात्रों को कभी-कभी अनुशासनात्मक दंड दिया जाता है.
शिक्षक ने यह भी माना कि बड़े छात्रों से कभी-कभी टॉयलेट की सफाई कराई जाती है. उनका कहना है कि स्कूल में सफाई कर्मचारी सप्ताह में दो बार आते हैं और छात्रों से सफाई कराने का उद्देश्य उनमें जिम्मेदारी और अनुशासन की भावना विकसित करना है.
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