फंडिंग केस : 4 पुलिसवालों की हत्या के आरोपी ठेकेदार मृत्युंजय सिंह को हाईकोर्ट से बेल
प्रति टन 30 रुपये की वसूली
लातेहार के जिले के बालूमाथ थाना क्षेत्र स्थित तेतरियाखांड और मगध कोल परियोजना में हर महीने करीब 1.50 लाख टन कोयला का डीओ लगता है. अगर 30 रूपया प्रति टन के हिसाब से वसूली की कुल रकम को जोड़ें तो करीब 45 लाख की वसूली हो रही है.कोयले का अवैध कारोबार भी जारी
लातेहार जिला में इन दिनों कोयला का अवैध कारोबार भी बेरोक-टोक चल रहा है. सूत्रों के मुताबिक सबसे अधिक अवैध कारोबार बालूमाथ थाना क्षेत्र के बुकरू साइडिंग से हो रहा है. इसे रोकने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन, खनन विभाग व पुलिस पर है. लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती. जानकारी के मुताबिक एनटीपीसी ने बुकरू रेलवे साइडिंग तक कोयला पहुंचाने की जिम्मेवारी ट्रांसपोर्टरों को दी है. ट्रांसपोर्टरों की मिलीभगत से ही अवैध कारोबार फल-फूल रहा है. सबको चुप रखने के लिए प्रति ट्रक 90 से 95 हजार रुपये की वसूली की जाती है. जिसमें से हर तबके को हिस्सा मिलता है. इसे भी पढ़ें - निर्मला">https://lagatar.in/nirmala-sitharaman-will-present-the-economic-survey-on-january-31-know-why-it-is-presented-a-day-before-the-budget-session/">निर्मलासीतारमण 31 जनवरी को इकोनॉमिक सर्वे करेंगी पेश, जानें इसे बजट से एक दिन पहले क्यों किया जाता है पेश [wpse_comments_template]

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