Ranchi News : झारखंड में एलाइड एवं हेल्थकेयर शिक्षा को व्यवस्थित करने की दिशा में सरकार ने कदम बढ़ाया है. झारखंड राज्य संबद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल परिषद की पहली बैठक मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई. बैठक में राज्य में चल रहे एलाइड एवं हेल्थकेयर पाठ्यक्रमों को बेहतर तरीके से संचालित करने और उनकी गुणवत्ता तय करने पर चर्चा हुई.
बैठक में निदेशक प्रमुख स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. सिद्धार्थ सान्याल, परिषद की चेयरपर्सन डॉ. मनीषा किरण, रिम्स के प्रभारी निदेशक डॉ. डी.के. सिन्हा, डॉ. अजीत खलखो, डॉ. विनोद कुमार और अंशु सिंह समेत परिषद के सदस्य मौजूद रहे.
कॉलेजों और संस्थानों को मिलेगी मान्यता
परिषद राज्य के एलाइड एवं हेल्थकेयर से जुड़े कॉलेजों और संस्थानों को संबद्धता देगी. यहां चलने वाले डिप्लोमा और दूसरे पाठ्यक्रम भी परिषद के नियमों के तहत होंगे. पाठ्यक्रम पूरा करने के बाद विद्यार्थियों का पंजीकरण भी परिषद करेगी.
ट्रांजिशन बैच की परीक्षा कराने का फैसला
बैठक में पहले से पढ़ाई कर रहे ट्रांजिशन बैच के विद्यार्थियों की परीक्षा कराने का फैसला लिया गया. जिन पाठ्यक्रमों की अंतिम परीक्षा अब तक नहीं हो सकी है, उनके बारे में जरूरी फैसला कैबिनेट के जरिए लेने की बात कही गई.
बनेगा अलग वेब पोर्टल
परिषद के कामकाज को आसान बनाने के लिए अलग वेब पोर्टल तैयार किया जाएगा. इस पोर्टल पर विद्यार्थियों, संस्थानों और स्वास्थ्यकर्मियों को पाठ्यक्रम, परीक्षा, पंजीकरण और दूसरी जरूरी जानकारी ऑनलाइन मिलेगी.
नए पदों के सृजन पर भी चर्चा
परिषद के बेहतर संचालन के लिए जरूरी पदों के सृजन पर भी बैठक में चर्चा हुई. इसके साथ ही पुराने परिषदों के लंबित मामलों, संपत्तियों और देनदारियों के हस्तांतरण तथा कर्मचारियों की व्यवस्था को जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया.
सहिया और MPW को मिलेगा विशेष प्रशिक्षण
अपर मुख्य सचिव अजय कुमार सिंह ने सहिया, MPW समेत पहले से काम कर रहे स्वास्थ्यकर्मियों के लिए करीब छह महीने का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू करने का सुझाव दिया. उनका कहना है कि इससे मौजूदा स्वास्थ्यकर्मियों की क्षमता बढ़ेगी और राज्य को अतिरिक्त प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मी भी मिल सकेंगे.
एक समान व्यवस्था बनाने का लक्ष्य
परिषद के गठन का मुख्य उद्देश्य झारखंड में एलाइड एवं हेल्थकेयर शिक्षा और इससे जुड़े पेशेवरों के लिए एक समान और पारदर्शी व्यवस्था बनाना है. इससे पाठ्यक्रम, परीक्षा, संस्थानों की मान्यता और स्वास्थ्यकर्मियों के पंजीकरण की प्रक्रिया को एक व्यवस्था के तहत लाने की तैयारी है.

