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जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचीं अंबा प्रसाद, देवेंद्र-महेंद्र से मिलीं, छात्रों के अनशन को दिया समर्थन

हजारीबाग की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना और आमरण अनशन पर बैठे छात्रों से मिलने पहुंचीं. इस दौरान उन्होंने अनशन पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो और महेंद्र मंडल से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली. अंबा प्रसाद ने छात्रों के आंदोलन के प्रति एकजुटता जताई और उसको अपना समर्थन दिया.
 

Ranchi :  हजारीबाग की पूर्व विधायक अंबा प्रसाद प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित धांधली और पेपर लीक के विरोध में रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में धरना और आमरण अनशन पर बैठे छात्रों से मिलने पहुंचीं. इस दौरान उन्होंने अनशन पर बैठे देवेंद्र नाथ महतो और महेंद्र मंडल से मुलाकात कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी ली. अंबा प्रसाद ने छात्रों के आंदोलन के प्रति एकजुटता जताई और उसको अपना समर्थन दिया. 

 

अंबा प्रसाद ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं का आयोजन कर रही एजेंसी और आउटसोर्सिंग व्यवस्था भ्रष्टाचार की बड़ी वजह बन गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि परीक्षा आयोजित करने की जिम्मेदारी निजी एजेंसियों को सौंपे जाने से पेपर लीक जैसी घटनाओं को बढ़ावा मिला है और पूरी व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए हैं.

 

उन्होंने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में लगातार पेपर लीक की घटनाएं सामने आती हैं. लेकिन कार्रवाई केवल निचले स्तर तक सीमित रह जाती है. जिम्मेदार बड़े अधिकारियों के खिलाफ न तो एफआईआर दर्ज होती है और न ही उनकी जवाबदेही तय की जाती है. 

 

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अंबा ने कहा कि केवल किसी मंत्री या अधिकारी के इस्तीफे से समस्या का समाधान नहीं होगा, बल्कि परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार और जवाबदेही सुनिश्चित करनी होगी. उन्होंने कहा कि वह वर्तमान में सरकार का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी छात्रों के आंदोलन के साथ खड़ी है. उन्होंने बताया कि छात्रों और सरकार के बीच संवाद स्थापित करने के लिए कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल तैयार किया गया है, जो जल्द ही आंदोलनरत छात्रों से मुलाकात करेगा.

 

कांग्रेस नेत्री ने कहा कि वह खुद प्रतियोगी परीक्षाओं की अभ्यर्थी रह चुकी हैं. कहा कि वर्षों की मेहनत के बाद जब पेपर लीक या धांधली के कारण परीक्षाएं प्रभावित होती हैं, तो इसका सबसे बड़ा नुकसान छात्रों और उनके परिवारों को उठाना पड़ता है. उन्होंने इसे छात्रों के भविष्य से जुड़ा गंभीर अपराध बताते हुए कहा कि इसकी कोई माफी नहीं हो सकती.

 

अंबा ने मांग की कि परीक्षा में गड़बड़ी होने पर केवल छोटे कर्मचारियों पर कार्रवाई करने के बजाय जिम्मेदार वरिष्ठ अधिकारियों के खिलाफ भी एफआईआर दर्ज की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए परीक्षा आयोजन की एजेंसी प्रथा को समाप्त कर पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाए. 

 

 

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