- सीआईडी में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का किया गया है आग्रह
Ranchi : बोकारो के चास प्रखंड स्थित तेतुलिया गांव में 103 एकड़ जमीन पर अवैध कब्जा मामले में सीआईडी में दर्ज प्राथमिकी को रद्द करने का आग्रह करने वाली शैलेश कुमार सिंह की याचिका पर झारखंड हाईकोर्ट में सुनवाई हुई. मामले में सभी पक्षों की बहस पूरी हो गई. इसके बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है. ईडी की ओर से वरीय अधिवक्ता अमित कुमार दास एवं अधिवक्ता सौरव कुमार ने पक्ष रखा.
बता दें कि मामले में सीआईडी की ओर से कांड संख्या 4/ 2025 दर्ज किया गया है. आरोप है कि उक्त जमीन की 2012 में गलत तरीके से जमाबंदी की गई थी. जमाबंदी करने वाले तत्कालीन अंचल अधिकारी को सरकार ने बर्खास्त किया था. इस काम में सहयोगी रहे एसडीओ, भूमि सुधार उप समाहर्ता, अंचल निरीक्षक, राजस्व कर्मचारी और अमीन पर भी गंभीर आरोप लगे हैं.
बताया जाता है कि सतनपुर और तेतुलिया की पहाड़ व वन भूमि को सरकार ने बोकारो इस्पात संयत्र को दी थी. लेकिन उक्त भूमि का बीएसएल ने उपयोग नहीं किया. इसके कारण जमीन खाली पड़ी है. वर्ष 1980 और 2013 में रिवीजनल सर्वे भी जारी किया गया था. लेकिन इन 33 वर्षों में किसी व्यक्ति ने इस जमीन पर दावा-आपत्ति नहीं किया.
वर्ष 2012 में तत्कालीन अंचल अधिकारी ने फर्जी कागजात के आधार पर 103 एकड़ जमीन की जमाबंदी कर दी. फर्जीवाड़ा का मामला उजागर होने के बाद राज्य सरकार ने जांच के बाद सीओ को नौकरी से बर्खास्त कर दिया था. बता दें कि सीआईडी में दर्ज केस के आधार पर ईडी ने भी मामले में ईसीआईआर केस दर्ज किया है.
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