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एक और जंग की आहट, यूएस स्पीकर के पहुंचते ही ताइवान में Level-2 अलर्ट, चीन ने दी ‘टारगेटेड अटैक’ की धमकी

  • चीन का ताइवान पर साइबर अटैक! सरकार की वेबसाइट डाउन
  • ताइवान के आसपास मिलिट्री ट्रेनिंग करेगा चीन, मंडरा रहे चीनी फाइटर जेट
New Delhi : अमेरिकी कांग्रेस की स्पीकर नैंसी पेलोसी चीन की कड़ी चेतावनी के बीच मंगलवार को ताइवान में उतरीं. चीन ने चेतावनी दी थी कि ताइवान का दौरा करने वाले किसी भी अमेरिकी राजनेता ने आग से खेलने की कोशिश की तो अच्छा नतीजा नहीं होगा. पेलोसी का विमान स्थानीय समयानुसार रात 10:45 बजे ताइपे में उतरा. इस दौरान चीन ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया. आशंका है कि ताइवान और चीन के बीच में जंग हो सकती है, जिसका असर पूरी दुनिया पर होगा. फिलहाल ताइवान में चीन से निपटने के लिए युद्ध की तैयारियां जारी हैं. दूसरी तरफ ताइवान में भी Level-2 का अलर्ट जारी किया गया है. यह अलर्ट युद्ध के लिए तैयार करने को जारी हुआ है. ऐसा अलर्ट ताइवान में 1996 के बाद पहली बार जारी किया गया है.

पेलोसी के दौरे से चीन बौखला गया है

ऐसा लग रहा है कि एक और युद्ध का काउंटडाउन शुरू हो गया है. नैंसी पेलोसी के इस दौरे से चीन बौखला गया है. वह धमकियां दे रहा है कि अब अमेरिका और ताइवान की स्वतंत्रता की मांग करने वाली `अलगाववादी ताकतों` को कीमत चुकानी होगी. चीन ने बताया है कि वह ताइवान के आसपास टारगेटेड अटैक  करेगा. चीन दावा करता रहा है कि ताइवान उसका हिस्सा है. वह विदेशी अधिकारियों के ताइवान दौरे का विरोध करता है, क्योंकि उसे लगता है कि यह द्वीपीय क्षेत्र को संप्रभु के रूप में मान्यता देने के समान है. इसे भी पढ़ें- झारखंड">https://lagatar.in/jharkhand-nirman-mazdoor-unions-protest-in-front-of-the-assembly/">झारखंड

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चीन के एसयू-35 लड़ाकू विमान ताइवान जलक्षेत्र में पहुंचे

स्थानीय मीडिया ने बताया कि जैसे ही स्पीकर पेलोसी का वायु सेना का विमान ताइपे के पास पहुंचा, चीनी वायु सेना के एसयू-35 लड़ाकू विमान ताइवान जलक्षेत्र को पार कर रहे थे. ताइवान जलक्षेत्र के साथ फ़ुजियान के तट पर टैंकों को दिखाया गया है.

अमेरिकी बेस से 8 यूएस एफ-15 फाइटर जेट ने भरी उड़ान

रिपोर्ट के अनुसार पेलोसी की फ्लाइट को सुरक्षा प्रदान करने के लिए जापान के ओकिनावा में एक अमेरिकी बेस से 8 यूएस एफ-15 फाइटर जेट और 5 टैंकर विमानों ने उड़ान भरी था. पेलोसी को ताइवान ले जाने वाले विमान पर किसी भी चीनी हस्तक्षेप की स्थिति में अमेरिकी वायु सेना को गोलीबारी करने की छूट मिल चुकी है. वहीं पेलोसी के उतरने से पहले चीन ने ताइवान के ऊपर के हवाई क्षेत्र को सभी नागरिक विमानों के लिए बंद कर दिया था.

अमेरिका ने चार युद्धपोत ताइवान की सीमा के करीब भेजा

रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने मंगलवार को चार युद्धपोत और एक एयरक्राफ्ट कैरियर ताइवान के पूर्व में तैनात किए जिसे अमेरिकी नौसेना ने रूटीन तैनाती बताया. इससे पहले अमेरिका ने अपने दो एयरक्राफ्ट कैरियर, दर्जनों युद्धपोत और तीन सबमरीन को ताइवान की सीमा के बेहद करीब भेजा था. वहीं चीन ने भी बड़े पैमाने पर घातक युद्धपोत और फाइटर जेट ताइवान की ओर तैनात किए हैं. सोशल मीडिया पर शेयर किए जा रहे वीडियो में चीन की सेना समुद्र के किनारे नजर आ रही है जहां से ताइवानी द्वीप सिर्फ 10 किमी दूर है. इसे भी पढ़ें-  कमला">https://lagatar.in/kamla-singh-becomes-new-deo-of-ranchi-akash-kumar-dse/">कमला

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4 अगस्त से ताइवान के पास युद्ध अभ्यास करेगा चीन

इधर, चीन ने धमकियों के साथ-साथ एक्शन भी शुरू कर दिया है. चीन में अलर्ट वाले सायरन बज रहे हैं. इसी के साथ चीन ने फैसला कर लिया है कि वह 4 अगस्त से ताइवान के पास युद्ध अभ्यास करेगा. चीनी सेना ने कहा है कि वह गुरुवार से रविवार तक ताइवान के आसपास के छह क्षेत्रों में जरूरी मिलिट्री ड्रिल करेगा. इसमें लाइव फायर ड्रिल भी शामिल होंगी.

 हर दिशा से ताइवान को घेरेगा चीन

PLA ईस्टर्न थियेटर कमांड ताइवान के आसपास ज्वाइंट मिलिट्री एक्शन करेगी. इसमें द्वीप (ताइवान) के आसपास नॉर्थ, साउथ वेस्ट और साउथ ईस्ट में लंबी दूरी वाली तोपों से शूटिंग होगी. इसके अलावा आइलैंड के पूर्व में मिसाइल टेस्ट की फायरिंग होगी. चीन की मिनिस्ट्री ऑफ नेशनल डिफेंस ने कहा है कि पेलोसी के ताइवान दौरे के काउंटर टारगेटेड अटैक करेगी. कहा गया है कि चीन राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की दृढ़ता से रक्षा करेगा.

चीन ताइवान को अपना प्रांत मानता है

चीन ताइवान को अपना प्रांत मानता है और उसका मानना है कि एक दिन ताइवान उसका हिस्सा बन जाएगा. वहीं, ताइवान खुद को आजाद देश बताता है. उसका अपना संविधान है और वहां चुनी हुई सरकार है. ताइवान चीन के दक्षिण पूर्व तट से करीब 100 मील दूर एक आइसलैंड है. चीन और ताइवान, दोनों ही एक-दूसरे को मान्यता नहीं देते. अभी दुनिया के केवल 13 देश ही ताइवान को एक अलग संप्रभु और आजाद देश मानते हैं. इसे भी पढ़ें- IAS">https://lagatar.in/fir-on-youth-who-got-respect-from-cm-by-spreading-false-news-of-becoming-ias/">IAS

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